भारत में ही विकसित कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (वीएल-एसआरएसएएम) का सोमवार को दो बार सफल परीक्षण किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बताया कि बिलकुल पतली मिसाइल किसी भी आकाशीय खतरे को कम दूरी में समाप्त करने में सक्षम है और इसे नौसेना में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सोमवार दोपहर को चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से जमीन से मोबाइल लॉन्चर के जरिये इसका परीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि मिसाइल को लॉन्च करने से लेकर बंगाल की खाड़ी में लक्ष्य को भेदने तक कई रडार और इलेक्ट्रो ऑप्टिक यंत्रों से इसकी निगरानी की गई। सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर परीक्षण रेंज के अधिकारियों ने बालासोर के जिला प्रशासन से तालमेल कर 6322 लोगों को इलाके के ढाई किलोमीटर की परिधि से खाली करा लिया गया।