डीआरडीओ ने पिनाका हथियार प्रणाली का सफल परीक्षण किया
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भारत ने सफलतापूर्वक गाइडेड पिनाका हथियार प्रणाली का परीक्षण कर लिया है। बता दें कि पिनाका मल्टीपल लॉन्च रॉकेट प्रणाली सटीक स्ट्राइक वैरिएंट पूरी तरह से देश में निर्मित हथियार प्रणाली है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इन परीक्षणों के दौरान, प्रोविजनल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट्स (पीएसक्यूआर) मापदंडों, जैसे कि एक साल्वो मोड में कई लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए रेंजिंग, सटीकता, स्थिरता और फायर की दर का व्यापक परीक्षण करके मूल्यांकन किया गया है।
कई संस्थानों ने पिनाका को किया विकसित
रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि लॉन्चर उत्पादन एजेंसियों की तरफ से अपग्रेड किए गए दो इन-सर्विस पिनाका लॉन्चरों से प्रत्येक उत्पादन एजेंसी के बारह रॉकेटों का परीक्षण किया गया है। बता दें कि पिनाका को आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट की तरफ से रिसर्च सेंटर इमारत, रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला और प्रूफ एंड एक्सपेरीमेंटल एस्टेब्लिशमेंट के सहयोग से डिजाइन और विकसित किया गया है, जिसमें गोला-बारूद के लिए म्यूनिशन इंडिया लिमिटेड और इकोनॉमिक एक्सप्लोसिव्स लिमिटेड और पिनाका लॉन्चर और बैटरी कमांड पोस्ट के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और लार्सन एंड टूब्रो शामिल हैं।
रक्षा मंत्री ने DRDO और भारतीय सेना को दी बधाई
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिनाका के सफल परीक्षण के लिए डीआरडीओ और भारतीय सेना को बधाई दी है। उन्होंने कहा, निर्देशित पिनाका हथियार प्रणाली के शामिल होने से सशस्त्र बलों की तोपखाने की मारक क्षमता में और बढ़ोत्तरी होगी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष समीर वी कामत ने भी परीक्षणों से जुड़ी टीमों को बधाई दी और कहा कि रॉकेट प्रणाली ने भारतीय सेना में शामिल होने से पहले सभी पूर्व-आवश्यक उड़ान परीक्षण पूरे कर लिए हैं।
पिनाका का गाइडेड वर्जन सैटेलाइट से प्राप्त सिग्नल का इस्तेमाल कर टारगेट पर सटीक अटैक करता है। पिनाका-एमके3 किसी भी मौसम में काम कर सकता है। पिनाका का नाम हिंदू भगवान शिव के दिव्य धनुष के नाम पर रखा गया है।