रक्षा अनुसंधान व विकास संस्थान (डीआरडीओ) ने 10 उद्योगों को नौ प्रणालियों की तकनीक हस्तांतरित की है। यह हस्तांतरण डीआरडीओ की अहिल्यागनर, महाराष्ट्र स्थित प्रयोगशाला, वाहन अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (वीआरडीई) की ओर से की गई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हस्तांतरण 7 जून को वीआरडीई में आयोजित एक समारोह में रक्षा अनुसंधान और विकास सचिव एवं डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत की उपस्थिति में हुआ।
इस अवसर पर वीआरडीई ने पुणे की सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के साथ अत्याधुनिक तकनीकों और उभरते क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हस्ताक्षर किया। डॉ. कामत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी प्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए डीआरडीओ और उद्योगों की सराहना की। उन्होंने उद्योगों को आपातकालीन क्षमता बढ़ाने की योजना बनाने का सुझाव दिया और वीआरडीई की ओर से भूमि प्रणालियों और हथियार मंचों के लिए उच्च-स्तरीय तकनीकी समाधान प्रदान करने के प्रयासों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में डीआरडीओ के वैज्ञानिक और आयुध एवं युद्ध अभियांत्रिकी क्लस्टर के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) प्रतीक किशोर, वीआरडीई निदेशक जी. राममोहन राव और अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिकों के साथ उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित थे। गत माह, डीआरडीओ ने दिल्ली के मेटकाफ हाउस में क्वांटम टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (क्यूटीआरसी) का उद्घाटन किया था, जिसे डॉ. कामत ने रणनीतिक और रक्षा अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी क्वांटम क्षमताओं को मजबूत करने के लिए शुरू किया। यह केंद्र अत्याधुनिक प्रयोगात्मक सुविधाओं से लैस है।