यात्री बसों में आग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एक प्रणाली विकसित की है। इससे सेकंडों में आग लगने का पता लगाया जा सकता है। साथ ही आग सेकंडों में आग बुझाई भी जा सकती है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने यात्री बसों के लिए आग का पता लगाने वाली और आग बुझाने वाली प्रणाली (एफडीएसएस) विकसित की है।डीआरडीओ ने सोमवार को एक बयान जारी कर यह जानकारी दी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को यहां डीआरडीओ भवन में एफडीएसएस का प्रदर्शन देखा। यह एक ऐसी प्रौद्योगिकी है, जो बसों में आग लगने का 30 सेकंड से कम समय में पता लगा सकती है और और इसे 60 सेकंड में बुझा सकती है। इसने कहा कि मंत्रियों को अन्य कई कार्यक्रमों और प्रणालियों के बारे में भी जानकारी दी गई।
बयान में कहा गया कि डीआरडीओ के अग्नि, विस्फोटक और पर्यावरण सुरक्षा केंद्र (सीएफईईएस), दिल्ली ने प्रौद्योगिकी विकसित की है, जो यात्री डिब्बों में आग का 30 सेकंड से कम समय में पता लगा सकती है और और इसे 60 सेकंड में बुझा सकती है। इस तरह जानमाल के नुकसान के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
गडकरी ने एफडीएसएस के विकास को बस यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम करार दिया।
इस मौके पर एयरोसोल आधारित और वाटर मिस्ट बेस्ड अग्नि जांच और दमन प्रणाली के प्रदर्शन किए गए। यात्री बस के इंजन में और पैसेंजर कंपार्टमेंट में आग लगने के प्रदर्शन को दोनों मंत्रियों ने देखकर संतोष जताया।
गडकरी ने एफडीएसएस के विकास को बस यात्रियों की सुरक्षा की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम करार दिया। उन्होंने इस प्रौद्योगिकी पर संतोष जताते हुए इसे आगे बढ़ाने की इच्छा जताई।