फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीआरडीओ के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने कहा- 'मिशन शक्ति' से पैदा हुआ अधिकतर मलबा नष्ट

Sat, 11 May 2019 12:55 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
डीआरडीओ अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
विज्ञापन

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने कहा कि भारत द्वारा मार्च में किए गए उपग्रह भेदी परीक्षण से पैदा हुआ अधिकतर मलबा नष्ट हो गया है और जो थोड़ा-बहुत बचा हुआ है वह ‘कुछ वक्त’ में खत्म हो जाएगा।

विज्ञापन


रेड्डी ने ‘इंस्टि्टयूट फॉर डिफेंस स्टाडीज एंड एनालिसिस (आईडीएसए) में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रोद्यौगिकी’ विषय पर व्याख्यान के बाद एक सवाल के जवाब में यह बात कही।
रेड्डी ने कहा, ‘मैंने छह अप्रैल को जिक्र किया था कि कुछ हफ्तों में मलबा खत्म हो जाएगा। हमें जो सूचना मिली हैं उसके मुताबिक, ज्यादातर मलबा नष्ट हो गया है और जो कुछ थोड़े-बहुत टुकड़े बचे हैं, वो कुछ समय में खत्म हो जाएंगे।’ 
विज्ञापन


डीआरडीओ के प्रमुख ने कहा कि लगातार जानकारी मिल रही है और उस पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं समझता कि यह कोई मसला है।’ रेड्डी ने कहा, ‘यह बताना काफी मुश्किल है कि इसमें कितने दिन लगेंगे, लेकिन जैसा मैंने उस दिन कहा था कि यह कुछ हफ्तों में नष्ट हो जाएगा, अधिकतर मलबा नष्ट हो चुका है।’ 

छह अप्रैल को यहां डीआरडीओ भवन में संवाददाता सम्मेलन में रेड्डी ने कहा था कि भारत ने वैश्विक अंतरिक्ष संपत्तियों को मलबे के खतरे से बचाने के लिए ‘मिशन शक्ति' के लिए 300 किमी से भी कम की कक्षा को चुना था। विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि निचले वातावरण में परीक्षण किया गया था ताकि अंतरिक्ष में मलबा नहीं रहे।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें