फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Droupadi Murmu Oath Today: समझ नहीं आ रहा महामहिम को ‘आप’ कहें या ‘तुम’...

Mon, 25 Jul 2022 09:24 AM IST
Amit Mandal अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

पेशे से किसान रामचंद्र उपरबेडा उच्च प्राथमिक विद्यालय में राष्ट्रपति मुर्मू के सहपाठी थे। वे याद करके बताते हैं कि मुर्मू मिलनसार और सीधी-सादी लड़की थीं।
विज्ञापन
द्रौपदी मुर्मू - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सोमवार को इधर दिल्ली में देश के सर्वोच्च सांविधानिक पद की शपथ लेंगी, उधर ओडिशा में उनके मित्र और पड़ोसी इस उलझन में हैं कि अपनी मित्र को अब से वे किस रूप में संबोधित करेंगे? मयूरभंज जिले में उपरबेडा गांव के रहने वाले रामचंद्र मुर्मू ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू के गृहनगर में सभी लोग उल्लासित हैं। हालांकि खुद उन्हें समझ नहीं आ रहा कि जब अगली बार वे अपनी मित्र से मिलेंगे तो उन्हें ‘आप’ कहकर संबोधित करना होगा या हमेशा की तरह ‘तू’ कहकर बुला सकते हैं? पहले संबोधन में सम्मान ज्यादा है तो दूसरे में पुरानी आत्मीयता है। 

विज्ञापन


पेशे से किसान रामचंद्र उपरबेडा उच्च प्राथमिक विद्यालय में राष्ट्रपति मुर्मू के सहपाठी थे। वे याद करके बताते हैं कि मुर्मू मिलनसार और सीधी-सादी लड़की थीं। स्कूल में हम दोनों एक ही थाली में भोजन करते थे। अब तक रामचंद्र उन्हें तू कहकर ही बुलाते आए हैं, लेकिन अब चीजें बदल चुकी हैं। आज पूरे ओडिशा में उत्सव मन रहा है, रेलवे स्टेशनों तक पर लड्डू बांटे जा रहे हैं। 

...वे आज भी पहले जैसी ही हैं
दो दिन पहले राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर मुर्मू ने मुझे फोन किया, इसकी मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। वे आज भी वैसी ही हैं, जैसी पहली बार मिलने के समय थीं। मैं कुछ वर्ष पूर्व झारखंड राजभवन में भी उनसे मिल चुकी हूं। मुलाकात में हमने बीते पुराने दिनों पर खूब बातें कीं थीं। - सुचित्रा समल, कॉलेज की सहपाठी 
विज्ञापन


घर बुलाकर पखाल-भात खिलाती थीं...
स्कूल में द्रौपदी पढ़ाई में होशियार थीं। मेरा स्कूल गरीबी के कारण छूट गया था, लेकिन द्रौपदी मुझे अक्सर अपने घर बुलाकर ‘पखाल - भात’ (ओडिशा का पारंपरिक व्यंजन) परोसती थीं। द्रौपदी मुर्मू से आखिरी बार तब मिला, जब वे झारखंड की राज्यपाल बन चुकी थीं। उस वक्त वे हमारे घर भी आई थीं। अब मालूम नहीं, उनके साथ पहले जैसी बेतकल्लुफी से बातचीत कर पाएंगे या नहीं। - गोविंद मांझी, मित्र 

 

विज्ञापन

शपथ ग्रहण में पहन सकती हैं संथाली साड़ी...दिखेगी आदिवासी संस्कृति 
शपथ ग्रहण समारोह में निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी भाभी सुकरी टुडू की लाई पारंपरिक संथाली साड़ी पहन सकती हैं। सुकरी और उनके पति व राष्ट्रपति के भाई तारिनसेन टुडू दिल्ली के लिए रवाना हो चुके थे। वे साथ में मुर्मू के लिए लोकप्रिय स्थानीय मिठाई ‘अरिसा पीठा’ भी ला रहे हैं।

सुकरी ने बताया, ‘मुझे नहीं पता कि इस खास मौके पर वे क्या पहनेंगी, राष्ट्रपति भवन ही उनके परिधान निर्धारित करेगा। हालांकि मैं प्रार्थना कर रही हूं कि वे इसे पहन सकें।’ तारिनसेन और सुकरी अपने परिजनों के साथ उपरबेडा में रहते हैं, यह मयूरभंज के रायरंगपुर में आता है।  

समारोह में शामिल होंगे ये नेता और अतिथि : ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, मयूरभंज से भाजपा के 6 विधायक, ब्रह्मकुमारी रायरंगपुर शाखा के तीन सदस्य ब्रह्मकुमारी सुप्रिया, बसंती और गोविंद भी समारोह में शामिल होंगे। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, धर्मेंद्र प्रधान, बिश्वेश्वर टुडू, सांसद सुरेश पुजारी, बसंत पांडा, संगीता सिंहदेव व उनके पति केवी सिंहदेव ने भी मुर्मू से मुलाकात की, ये सभी समारोह में शामिल होंगे।

सुबह 9:25 बजे : द्रौपदी मुर्मू गार्ड ऑफ ऑनर के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचेंगी।
सुबह 10:10 बजे :   कोविंद-द्रौपदी संसद के केंद्रीय कक्ष में पहुंचेंगे, पहुंचने के साथ राष्ट्रगान होगा। 
10:15 बजे : मुख्य न्यायाधीश द्रौपदी मुर्मु  को शपथ दिलाएंगे। 
10:16 बजे : नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। 
10:20 बजे : नवनिर्वाचित राष्ट्रपति का 25 मिनट का भाषण होगा। 10:45 बजे-दोनों माननीय संसद भवन से राष्ट्रपति भवन रवाना होंगे। 
सुबह 10:50 बजे : राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में हैडिंग ओवर सेरमनी होगा। 
सुबह 11 बजे : कोविंद राष्ट्रपति भवन से विदा होंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें