राष्ट्रपति भवन परिसर में छठ पूजा का आयोजन हुआ, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सूर्य देव और छठी मैया की पूजा कर देशवासियों की समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह पर्व प्रकृति के प्रति आभार और संरक्षण का प्रतीक है।
राष्ट्रपति भवन परिसर में इस बार लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वयं सूर्य देव और छठी मैया की पूजा-अर्चना की और देशवासियों की समृद्धि, सुख-शांति और खुशहाली की कामना की। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहा कि छठ पर्व हमें प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश देता है। वहीं बिहार सहित देशभर में लाखों श्रद्धालु घाटों पर जुटे और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया।
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बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में छठ पर्व का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सोमवार को पर्व के तीसरे दिन लाखों श्रद्धालु गंगा घाटों, सरोवरों और तालाबों पर एकत्र हुए और भगवान भास्कर की उपासना की। महिलाएं पारंपरिक गीतों के साथ सूर्य देव को अर्घ्य देती नजर आईं। राष्ट्रपति भवन में भी पूजा के दौरान पारंपरिक विधि-विधान से सूर्य देव की आराधना की गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छठ पर्व की दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि मैं देशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। यह पर्व हर घर में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए और हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करे। राष्ट्रपति ने कहा कि छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि लोक जीवन और प्रकृति के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।
खरना के व्रत के बाद की सूर्य की उपासना
रविवार शाम को श्रद्धालुओं ने खरना का व्रत संपन्न किया, जो 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरुआत मानी जाती है। इस दौरान भक्त जल और अन्न का सेवन नहीं करते। घर-घर में खरना प्रसाद का वितरण हुआ और श्रद्धालु एक-दूसरे के घर जाकर प्रसाद ग्रहण करते रहे। सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया गया, जबकि मंगलवार को उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन होगा। प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा और सफाई के व्यापक इंतजाम किए हैं।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री ने भी छठ पूजा में लिया भाग
छठ पूजा के इस पर्व में बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में श्रद्धा का समंदर उमड़ पड़ा। घाटों पर लाखों लोगों की भीड़ के बावजूद माहौल अनुशासित और शांत रहा। जयपुर में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी छठ पूजा में भाग लिया। राष्ट्रपति भवन में पहली बार इस तरह का आयोजन देख देशवासियों में विशेष उत्साह देखा गया। यह आयोजन लोक परंपरा और संस्कृति के सम्मान का प्रतीक बन गया।