अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने न केवल व्हाइट हाउस की रेस जीती, बल्कि सीनेट व निचले सदन में भी बहुमत जुटाया। 132 साल में वह पहले ऐसे नेता बन गए, जिन्होंने निरंतरता टूटने के बावजूद चुनाव जीता।
अमेरिका में अबकी बार ट्रंप सरकार। नतीजों ने न सिर्फ पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस पहुंचा दिया, बल्कि नए रिकॉर्ड भी बना दिए। उन्होंने न केवल व्हाइट हाउस की रेस जीती, बल्कि सीनेट व निचले सदन में भी बहुमत जुटाया। 132 साल में वह पहले ऐसे नेता बन गए, जिन्होंने निरंतरता टूटने के बावजूद चुनाव जीता। अब सवाल उठ रहा है कि ट्रंप के सत्ता में आने पर भारत-अमेरिका के संबंधों पर क्या कुछ असर पड़ेगा। ऐसे ही सवालों का 'इंडियन-अमेरिकन्स फॉर ट्रंप 2016' समिति के सदस्य डॉ. सुधीर पारिख ने जवाब दिया।
विज्ञापन
कनाडा सरकार और भारत सरकार के बीच संकट का निकालेंगे समाधान
उन्होंने कहा, 'हमने चर्चा की और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति ट्रंप से वादा किया कि अगर वह सत्ता में आए तो वह कनाडा सरकार और भारत सरकार के बीच इस संकट को हल करने में हमारी मदद करेंगे क्योंकि इसे दोनों देशों के हित में कूटनीतिक रूप से हल करना होगा क्योंकि भारत और कनाडा के बीच एक बड़ा व्यापार है। कनाडा में बहुत सारे भारतीय-कनाडाई रहते हैं। इसलिए उन्होंने हमसे वादा किया कि वह पूरी समस्या को कूटनीतिक रूप से हल करने की पूरी कोशिश करेंगे।
जानकार आगाह करते हैं कि भारत को भावुकता की बजाय व्यावहारिकता से ट्रंप से डील करना होगा। ट्रंप पिछले कार्यकाल में भारत के साथ टैरिफ जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं और कई मोर्चों पर अप्रत्याशित फैसले लेते रहे हैं। ऐसे में उनके फैसलों के आधार पर ही आकलन बेहतर होगा। हालांकि ट्रंप के सत्ता में आने से भारत-कनाडा के तनाव पर भी असर पड़ेगा। ट्रंप व कनाडा के पीएम जस्टिन त्रूदो के रिश्तों की खटास के बीच मुमकिन है कि कनाडा को वैसा अमेरिकी समर्थन न मिले, जैसा बाइडन सरकार में मिल रहा है।