डॉ. सुवर्ण गोस्वामी ने महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों में सरकार के खिलाफ आवाज उठाई और प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था। उन्होंने पीड़िता के माता-पिता से भी मुलाकात की और आरोप लगाया कि उन्हें कोलकाता पुलिस के एक सिपाही द्वारा पैसे का प्रस्ताव दिया गया था।
पश्चिम बंगाल सरकार ने आरजी कर अस्पातल में एक जूनियर डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन में शामिल डॉ. सुवर्ण गोस्वामी का गुरुवार को स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया।
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गौरतलब है कि गोस्वामी, जो पश्चिम बंगाल पब्लिक हेल्थ एंड एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस के सदस्य हैं और वर्तमान में दक्षिण बंगाल के पूर्व बर्धमान में डिप्टी सीएमओएच-II के पद पर कार्यरत हैं, को राज्य के उत्तर भाग के दार्जिलिंग टीबी अस्पताल का सुपरिंटेंडेंट नियुक्त किया गया है। यह तुरंत प्रभाव से लागू की गई है और आगे के आदेशों तक वे वहीं कार्यरत रहेंगी।
डॉ. गोस्वामी, जो स्वास्थ्य सेवा डॉक्टरों के संघ के संयुक्त सचिव हैं। गोस्वामी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में गत अगस्त में पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर की हत्या के बाद राज्य-मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सड़क पर उतरे चिकित्सा समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। गोस्वामी, जो पूर्व बर्धमान अस्पताल में डिप्टी चीफ मेडिकल ऑफिसर के रूप में तैनात थीं, अब दार्जिलिंग टीबी अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट के रूप में नियुक्त की गई हैं। गोस्वामी को गुरुवार सुबह सरकार के आदेश के बारे में सूचित किया गया।
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डॉ. सुवर्ण गोस्वामी ने महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों में सरकार के खिलाफ आवाज उठाई और प्रदर्शनों का नेतृत्व किया। उन्होंने पीड़िता के माता-पिता से भी मुलाकात की और आरोप लगाया कि उन्हें कोलकाता पुलिस के एक सिपाही द्वारा पैसे का प्रस्ताव दिया गया था।