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खुशखबर: बाजार में जल्द मिलेगी कोरोना की स्वदेशी दवा की 2DG, डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज ने की घोषणा

Mon, 28 Jun 2021 11:04 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित कोरोना की दवा 2-डीजी की व्यावसायिक लॉन्च का एलान हो गया है। डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज ने कहा कि कोरोना की स्वदेशी दवा 2DG  जल्द बाजार में भी मिल सकेगी। 
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कोरोना की स्वदेशी दवा 2DG - फोटो : ANI
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विस्तार
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कोरोना महामारी के खिलाफ भारत की लड़ाई जारी है। कोरोना वायरस से जंग में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित कोरोना की दवा 2-डीजी की व्यावसायिक लॉन्च का एलान हो गया है। डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज ने कहा कि कोरोना की स्वदेशी दवा 2DG  जल्द बाजार में भी मिल सकेगी। 
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डीआरडीओ ने एक जून को कहा गया था कि कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में इस दवा को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी गई है। इसके बाद से इस दवा को अभी तक सिर्फ चुनिंदा अस्पतालों में ही इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन अब इस दवा को सरकारी के साथ-साथ प्राइवेट अस्पतालों को भी बेचा जाएगा। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने कहा, ''उन्हें खुशी हो रही है कि कंपनी जल्दी ही भारत भर के प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों को इसकी सप्लाई करेगी।''
 
इतनी होगी कीमत
डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के मुताबिक, इसके एक पाउच का दाम 990 रुपये निर्धारित किया गया है। ये सब्सिडी के साथ सरकारी संस्थानों को दी जाने वाली दर है। इसकी कीमत को लेकर पहले भी बयान जारी किया गया था और कहा गया था कि इसकी कीमत ऐसी रखी जाएगी जो सबकी पहुंच में हो। 2जीडी को इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज (आईएनएमएस) द्वारा विकसित किया गया था। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अध्यक्ष जी सतीश रेड्डी ने कहा कि उन्हें हैदराबाद में डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज के साथ काम करके खुशी मिली। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ कोरोना की लड़ाई में लगातार योगदान दे रहा है।
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वायरस के खिलाफ ऐसे काम करती है यह दवा
कोरोना की स्वदेशी दवा 2डीजी पाउडर के रूप में आती है, जिसे पानी में घोलकर लिया जाता है। ये दवा इंफेक्टेड सेल में में जमा हो जाती है और वायरल सिंथेसिस और एनर्जी प्रोडक्शन कर वायरस को बढ़ने से रोकती है। इस दवा की खास बात ये है कि ये वायरस से संक्रमित कोशिकाओं की पहचान करती है। दावा किया जा रहा है कि इस दवा से कोरोना मरीजों की ऑक्सीजन पर निर्भरता कम होगी और उन्हें ज्यादा दिन तक अस्पताल में रुकने की जरूरत भी नहीं होगी।
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