केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि टीबी रोकथाम के लिए उपचार को बढ़ावा देना गेम चेंजर साबित हो सकता है। राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अब तक पांच करोड़ मरीजों को उपचार दिया जा चुका है। सरकार ने वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया है जिसे लेकर लगातार प्रयास जारी हैं।
डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को टीबी रोकथाम के प्रयासों में तेजी लाने के वैश्विक अभियान संबंधित बैठक में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा, पिछले एक वर्ष में कोविड संकट के बावजूद हमने नुकसान की तेजी से भरपाई करने और टीबी मरीजों को लगातार सेवाएं जारी रखने के लिए अधिक स्फूर्ति और लचीलेपन से काम किया है।
बाईडायरेक्शनल स्क्रीनिंग, सक्रिय टीबी मामलों का पता लगाने के काम को कोविड-19 की निगरानी के साथ जोड़ते हुए टीबी रोगियों की पहचान की। साथ ही इन मरीजों के घर तक सेवाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने बताया कि केन्द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप और जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले को साल 2020 में देश का पहला टीबी मुक्त केंद्र और जिला घोषित किया है।
उन्होंने संकेत दिए हैं कि आने वाले महीनों में और राज्य व जिले टीबी मुक्त हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा, कोविड के अनुभव से सीख लेकर हम पांच-टी कार्यनीति पर आधारित टीबी कार्यक्रम लागू कर रहे हैं। इनमें टेस्टिंग, ट्रेकिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट और टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस, विभिन्न देशों के स्वास्थ्य मंत्री, टी.बी से अधिक प्रभावित देशों के प्रतिनिधि, विकास भागीदार और दानकर्ता एजेंसियों के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से उपस्थित थे।