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वैज्ञानिक समुदाय ने हर चुनौती को अवसर में बदला है: हर्षवर्धन

Sat, 26 Sep 2020 07:24 PM IST
मुकेश कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने शनिवार को कहा कि वैज्ञानिक समुदाय ने देश के सामने आई हर चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया है और उसे अवसर में बदला है। हर्षवर्धन ने सीएसआईआर के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान एवं विज्ञान परिषद (सीएसआईआर) के वैज्ञानिकों ने वेंटिलेटर और व्यक्तिगत सुरक्षा किट (पीपीई) बनाने में अहम योगदान दिया है।

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जब कोई चुनौती आई है, तो हम उसे अवसर में बदलने में हमेशा सफल रहे
उन्होंने कहा कि सीएसआईआर ने दवाओं को कोविड-19 के उपचार के अनुरूप इस्तेमाल करने जैसी परियोजनाएं भी शुरू की हैं। हर्षवर्धन ने सीएसआईआर से कहा कि वह यह पता लगाने के लिए युवा वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श करे कि देश ‘आत्मनिर्भर’ कैसे बन सकता हैं। उन्होंने कहा, 'देश के सामने किसी भी रूप में जब कोई चुनौती आई है, तो हम उसे अवसर में बदलने में हमेशा सफल रहे हैं।'

वैज्ञानिक कई तरीकों से समाज की मुश्किलें कम करने की कोशिश करते हैं
हर्षवर्धन ने कहा कि वैज्ञानिक कई तरीकों से समाज की मुश्किलें कम करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दीपावली पर पारम्परिक पटाखों के बजाए हरित पटाखों के इस्तेमाल के प्रस्ताव का उदाहरण देते हुए कहा, 'जब कभी सीएसआईआर को कोई जिम्मेदारी दी जाती है, तो वह पूरे जोश से इसे पूरा करते हैं।'
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वैज्ञानिक समुदाय कोविड-19 को रोकने के लिए हर-संभव कोशिश कर रहा
स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस के बारे में कहा कि जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन में मामलों की जानकारी दी थी, उसके एक-दो दिन बाद ही आठ जनवरी को इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई आरंभ हो गई थी।
इसके बाद से स्वास्थ्य मंत्रालय के अलावा भारत का वैज्ञानिक समुदाय कोविड-19 को रोकने के लिए हर-संभव कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत एक दिन में 15 लाख जांच कर रहा है, जबकि महामारी की शुरुआत में कुछ हजार जांच ही हो रही थीं।

हमने पूरी प्रतिबद्धता के साथ चुनौती का सामना किया
हर्षवर्धन ने कहा, 'हमने जिम्मेदाराना तरीके से और पूरी प्रतिबद्धता के साथ चुनौती का सामना किया।' उन्होंने कहा कि हर कोई अपना योगदान देने की पूरी कोशिश कर रहा है, भले ही यह जीनोमिक्स या वैमानिकी हो, या फिर और कोई क्षेत्र हो।

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