अपने लंबे कार्यकाल में मरीजों के दिल की धड़कनों को दुरुस्त रखने वाले डॉ. सीएन मंजूनाथ अब सियासत की सेहत सुधारेंगे। पूर्व पीएम देवेगौड़ा के दामाद डॉ. मंजूनाथ पर भाजपा ने कांग्रेस के किले में अपनी दावेदारी सुनिश्चित करने का भरोसा किया है।
बंगलूरू ग्रामीण से भाजपा उम्मीदवार डॉ. सीएन मंजूनाथ जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ हैं और एशिया के सबसे बड़े हृदय अस्पताल श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्डियोवास्कुलर साइंसेज के निदेशक के पद से जनवरी में सेवानिवृत्त हुए।
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अपने लंबे कार्यकाल में मरीजों के दिल की धड़कनों को दुरुस्त रखने वाले डॉ. मंजूनाथ अब सियासत की सेहत सुधारेंगे। पूर्व पीएम देवेगौड़ा के दामाद डॉ. मंजूनाथ पर भाजपा ने कांग्रेस के किले में अपनी दावेदारी सुनिश्चित करने का भरोसा किया है। डॉ. मंजूनाथ कहते हैं कि वह यूं तो सियासी परिवार से आते हैं, लेकिन खुद सियासत में आएंगे, सपने में भी नहीं सोचा था। डॉ. मंजूनाथ कहते हैं कि सियासत की गलियां नई जरूर हैं, लेकिन अपनों का साथ और पीएम मोदी के कामों का आत्मविश्वास इस राह को भी आसान बना देगा। मोदी के काम को लेकर पूरे देश में अलग उत्साह है। लगभग हर कोई मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाना चाहता है।
हृदय रोगों के निदान के लिए बदलावों में रही अहम भूमिका
हमेशा से अपने डॉक्टरी पेशे के प्रति समर्पित रहे मंजूनाथ ने देश में हृदय रोगों के उपचार के लिए कई क्रांतिकारी बदलावों में अहम भूमिका निभाई। यही उनके राजनीति में आने का कारण भी बना। डॉ. मंजूनाथ बताते हैं कि निदेशक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें बहुत सारे ऑफर आए। जब वह लोगों से मिलते, तो लोग उनके समर्पण और सेवा भाव की सराहना करते। लोगों से कहते कि उनके जैसे व्यक्ति को सियासत में होना चाहिए, जो लोगों के कल्याण के लिए आधुनिकता के साथ काम करे। इसी बीच लोकसभा चुनावों की घोषणा हुई और भाजपा ने उनके नाम का एलान कर दिया। जदएस और स्थानीय नेताओं ने भी उनका समर्थन किया।
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जनता के साथ नाता नया नहीं
डॉ. मंजूनाथ कहते हैं कि उनका पेशा हमेशा से सेवा क्षेत्र से जुड़ा रहा। राजनीति का नया अध्याय शुरू हुआ है और यहां भी सेवा करनी है। डॉ. मंजूनाथ कहते हैं कि अपने पेशे के दौरान दो करोड़ से अधिक लोगों से मिला हूं। अब फिर जनता के बीच हूं। उनके साथ मेरा नाता नया नहीं है। उनकी बाते समझता हूं उनके लिए काम करने की इच्छा रखता हूं। डॉ. मंजूनाथ कहते हैं कि वह बंगलूरू ग्रामीण क्षेत्र में जल संकट, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में काम करूंगा।