देश के लिए भले ही राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी के बड़े मायने हों। भले नेताजी सुभाष चंद बोस द्वारा राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया गया हो और देश उन्हें सम्मान से महात्मा गांधी कहता हो लेकिन बसपा सुप्रीमों मायावती के लिए इसका कोई अर्थ नहीं है।
बीएसपीइंडिया. ओआरजी, बसपा की आधिकारिक वेबसाइट है। इसमें संविधान सभा के अध्यक्ष डा. भीवराव अंबेडकर को बतौर राष्ट्रपिता पेश किया गया है। वेब साइट के अनुसार भारत के राष्ट्रपिता डॉ. भीमराव अंबेडकर हैं। इसके साथ-साथ बसपा की इस वेबसाइट में कई अहम बदलाव दिखे हैं।
पहले इसमें मायावती का चेहरा एक मात्र मुख्य नेता के तौर पर उभरता था। इसके बाद बसपा के संस्थापक काशीराम, डा. भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फूले समेत अन्य गुरुओं की तस्वीर अपनी चमक बिखेरती थी। लेकिन अब मायावती ने खुद को नेपथ्य में रख लिया है। डा. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर प्रमुखता के साथ स्क्रीन पर लीड कर रही है।
मायावती के निर्देश पर साइट में हुआ बदलाव
मायावती
- फोटो : amar ujala
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती वेबसाइट में नीचे रोल कर रही तस्वीरों में धर्म गुरुओं, कांशीराम और अंबेडकर के साथ हैं। बसपा के सूत्र बताते हैं कि मायावती के निर्देश पर यह बदलाव हुआ है। मायावती ने ऐसा दलित समाज की नई पीढ़ी के रुझान को देखकर किया है।
बताते दलित समाज के बीच आज भी डा. भीमराव अंबेडकर की लोकप्रियता का कोई सानी नहीं है। वहीं मायावती की कार्यशैली से युवाओं में कुछ चिंता दिखाई दे रही थी। लिहाजा मायावती ने पार्टी के भीतर से लेकर बाहर तक की सोशल इंजीनियरिंग को नया रूप देने का निर्णय लिया।
बसपा सुप्रीमों तेजी से बहुजन का मिशन पूरा करने के एजेंडे पर आ गई हैं। वेब साइट में चयनित खबर और ब्लॉग भी सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के नारे से एक बार फिर बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय के नारे की तरफ लौटने की चुगली कर रहे हैं।
स्वामी प्रसाद यूपी अध्यक्ष
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भले ही बसपा छोड़ दी हो, लेकिन बहुजन समाज पार्टी की वेबसाइट में अब भी वह उ.प्र. में पार्टी के हैं।