भारतीय सेना ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया और सीमा पार दुश्मन के कई अहम सैन्य प्रतिष्ठानों को जमींदोज कर दिया। वहीं भारतीय वायुसेना प्रमुख के हालिया खुलासे के बीच एक एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इतनी दूरी से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से ऐसे विमान को गिराने का कोई सार्वजनिक रिकॉर्ड दुनिया में पहले नहीं है। यह दिखाता है कि हम पाकिस्तान के हर कोने तक पहुंच सकते हैं।'
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वायुसेना प्रमुख का बड़ा खुलासा
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने खुलासा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान का एक बड़ा सैन्य विमान लगभग 300 किलोमीटर दूर से मार गिराया। सेना के अधिकारियों के मुताबिक, यह वायु शक्ति का अभूतपूर्व प्रदर्शन था, जिसने पाकिस्तान को भारी मानसिक और रणनीतिक झटका दिया। एयर चीफ ने बताया कि यह विमान या तो ELINT (इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस) या AEW\&C (एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल) प्रकार का था। अगर यह AEW\&C था, तो इसका महत्व और भी ज्यादा है क्योंकि ऐसे विमान किसी भी वायुसेना के पास सीमित संख्या में होते हैं। पाकिस्तान के पास ऐसे केवल छह से आठ विमान बताए जाते हैं, जो हवाई निगरानी और दुश्मन के हमलों की शुरुआती चेतावनी देने में अहम भूमिका निभाते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर में S-400 का अहम रोल
इस सफलता का बड़ा श्रेय रूस से मिले S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को दिया जा रहा है, जो लंबी दूरी (450 किमी तक) पर कई हवाई खतरों को एक साथ निशाना बना सकता है। भारत ने 2018 में 5.43 अरब डॉलर की डील के तहत पांच स्क्वॉड्रन मंगाए थे, जिनमें से तीन मिल चुके हैं और बाकी दो अगले एक साल में आ जाएंगे। 2019 के बालाकोट हमलों के समय भारतीय वायुसेना को पाकिस्तानी जवाबी हमले का सामना करना पड़ा था और उसकी हवाई प्रभुत्व क्षमता पर सवाल उठे थे। लेकिन इस बार, वायुसेना ने न केवल पाकिस्तान के कई ठिकाने नष्ट किए, बल्कि उसकी संचार व्यवस्था भी जाम कर दी और सबूत भी पेश किए।
तीन मोर्चे पर ऑपरेशन सिंदूर ने दुश्मन को दिया झटका
कुछ रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत को S-400 के साथ-साथ डीआरडीओ के प्रोजेक्ट कुशा पर भी जोर देना चाहिए, जिसके तहत स्वदेशी लंबी दूरी की एयर डिफेंस प्रणाली विकसित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान ने पाकिस्तान को रणनीतिक, सामरिक और मानसिक- तीनों मोर्चों पर गहरा झटका दिया है।
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भारतीय सेना का 'ऑपरेशन सिंदूर'
'ऑपरेशन सिंदूर' 7 मई को शुरू हुआ था, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में आतंकी ठिकानों पर किया गया था। चार दिन तक चली झड़पें 10 मई को पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम की अपील के बाद थमीं।
'ऑपरेशन सिंदूर' से भारत ने लिया सबक
'ऑपरेशन सिंदूर' में भारतीय वायु सेना ने ब्रह्मोस, स्कैल्प, रैम्पेज और क्रिस्टल मेज जैसे मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जिनकी मारक क्षमता 200 किलोमीटर से अधिक है। इन मिसाइलों की मदद से दुश्मन के ठिकानों और सैन्य साधनों को 250 से 450 किलोमीटर की दूरी से ही निशाना बनाया गया, जिससे चीनी एचक्यू-9 वायु रक्षा प्रणाली की चुनौती को भी मात दी गई। इस सबसे सबक लेते हुए वायुसेना अब लंबी दूरी की मारक मिसाइलों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर लिया है।