विदेश मंत्रालय की ओर से गुरुवार को कई मुद्दों को लेकर ताजा स्थिति की जानकारी दी गई। मंत्रालय के प्रवक्ता ने सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा और जापान के तट पर क्रूज शिप डायमंड प्रिंसेस में फंसे भारतीयों के संबंध में बताया। साथ ही गृहमंत्री अमित शाह के अरुणाचल दौरे पर चीन के आपत्ति को उन्होंने खारिज कर दिया। वहीं चीन के वुहान में कोरोनावायरस से निपटने के लिए विमान के जरिए चिकित्सा आपूर्ति की एक खेप भेजने की भी बात कही। इस दौरान मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जानकारी देते हुए मीडिया के सवालों के भी जवाब दिए।
भारत का अभिन्न अंग है अरुणाचल प्रदेश, चीन की आपत्ति बेवजह
देश के गृहमंत्री अमित शाह के अरुणाचल प्रदेश के दौरे को लेकर चीन की ओर से आपत्ति जताए जाने की खबरों के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन की आपत्ति बेवजह है। अरुणाचल प्रदेश को उन्होंने भारत का अभिन्न अंग बताते हुए कहा कि भारतीय नेता नियमित रूप से देश के सभी प्रदेशों का दौरा करते हैं। ऐसे में किसी नेता के अरुणाचल प्रदेश का दौरा करने पर आपत्ति जताने के पीछे ठोस वजह नहीं दिखाई देती।
डोनाल्ड ट्रंप-पीएम मोदी के बीच क्षेत्रीय मुद्दों पर होगी बात
ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की पहली भारत यात्रा होगी। वह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आठ माह बाद एक—दूसरे से मिलेंगे। यह उनके बीच पांचवीं मुलाकात होगी। कुमार ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा के तीन चरण होंगे, जिसके तहत वह अहमदाबाद, आगरा और दिल्ली जाएंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप दोपहर के समय अपने विमान से अहमदाबाद के हवाईअड्डे पर उतरेंगे, वहां से वह 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करने के लिए मोटेरा स्टेडियम जाएंगे। हमें उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप के हवाईअड्डे से स्टेडियम तक के रास्ते में उनके अभिवादन के लिए भारी संख्या में लोग मौजूद रहेंगे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की यह यात्रा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और अमेरिका के बीच सहयोगी कदमों को और मजबूत करेगी। हमें उम्मीद है कि यह एकजुटता और प्रभावी होगी। इस दौरान क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत होगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी, दोनों नेता राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने जाएंगे। इसके बाद हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी।
उन्होंने बताया कि 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम का आयोजन नागरिक अभिनंदन समिति की ओर से किया जा रहा है। यह समिति ही कार्यक्रम के आमंत्रण से जुड़े सभी निर्णय ले रही है।
रवीश कुमार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के सवाल पर कहा कि हमें एक आपसी समझ तक पहुंचने की उम्मीद है। हम किसी सौदे के लिए जल्दबाजी नहीं करना चाहेंगे, क्योंकि इसमें शामिल मुद्दे काफी जटिल हैं। हम कोई कृत्रिम समय सीमा भी नहीं बनाना चाहते हैं। हमारे लिए लोगों का हित सर्वोपरि है।