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ऑटोमेशन का विरोध न करें, इससे बढ़ेगा रोजगार : आदि गोदरेज

Fri, 02 Sep 2016 03:53 AM IST
एजेंसी/ हैदराबाद
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- फोटो : getty
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प्रतिष्ठित उद्योगपति आदि गोदरेज ने ऑटोमेशन, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और रोबोटिक्स क्षेत्र के उदय से रोजगार घटने की आशंका को खारिज करते हुए कहा कि ये ऐसे पहलू हैं, जिनसे उत्पादकता बढ़ती है। उन्होंने साथ ही कहा कि परिवर्तन की आंधी को रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
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गोदरेज समूह के चेयरमैन ने एक साक्षात्कार में कहा कि ये (ऑटोमेशन, आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस और रोबोटिक्स जैसी चीजें) सिर्फ उत्पादकता बढ़ाती हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी नया आविष्कार होता है या उत्पादकता बढ़ाने की नई विधि आती है, लोग चिंता करने लगते हैं कि रोजगार घट जाएगा।

इससे उत्पादकता बढ़ती है। जब उत्पादकता बढ़ती है, तब अर्थव्यवस्था का विस्तार होता है और जब अर्थव्यवस्था का विस्तार होता है, तब अधिक रोजगार का सृजन होता है और अधिक विकास होता है। इसलिए इसे लेकर हमें कोई भी चिंता नहीं करनी चाहिए।
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हमें उत्पादकता में वृद्घि को प्रोत्साहित करना चाहिए

- फोटो : getty
भारतीय उद्योग परिसंघ के पूर्व प्रेसीडेंट गोदरेज ने कहा कि हमें उस हर तरीके को प्रोत्साहित करना चाहिए, जिनसे उत्पादकता बढ़ती है। पहली बार जब मशीन का उपयोग हुआ तब भी उसका विरोध हुआ, जब पहली बार बैंकों में कंप्यूटर का उपयोग शुरू हुआ, तब भी वहीं विरोध हुआ।

हमें उत्पादकता में वृद्घि को प्रोत्साहित करना चाहिए। इसी तरीके से दुनिया आगे बढ़ती है। गोदरेज ने इस सोच को भी खारिज किया कि आर्थिक उदारीकरण के बाद पिछले 25 वर्षों में अमीरों और गरीबों के बीच संपत्ति का फासला और बढ़ा है और किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि गत 25 साल से पहले आजादी के बाद के वर्षों में जितने लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया, उसकी तुलना में बहुत अधिक लोग गत 25 साल में गरीबी से बाहर निकल गए हैं।

उन्होंने कहा कि जब तक आर्थिक नीति अच्छी नहीं होगी, आप गरीबी नहीं मिटा सकते। इसके साथ ही यह प्राकृतिक सत्य है कि हमेशा कुछ लोग दूसरों से अधिक सफल होंगे और वे दूसरों से अधिक कमाएंगे। इसे लेकर अधिक परेशान नहीं होना चाहिए। अन्यथा खुलेपन से पहले की समाजवादी व्यवस्था में हर कोई गरीब था, जो हम नहीं चाहते।
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