उन्होंने यह भी कहा कि भारत को इस्राइल के साथ सैन्य और रक्षा अनुबंधों को रोकने की जरूरत है। मुख्यमंत्री विजयन ने जोर देकर कहा कि नई दिल्ली को इस्राइल द्वारा फलिस्तीन के खिलाफ एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोझिकोड में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, हमारी एकजुटता फलस्तीन के प्रति है। कृपया इस्राइल का समर्थन करने की भाजपा की नीति को भारत के रुख के रूप में न गिने। उन्होंने कहा, भारत को इस्राइल के साथ सैन्य और रक्षा अनुबंधों को रोकने की जरूरत है। इस्राइल द्वारा फलस्तीन के खिलाफ भारत को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
विजयन की यह टिप्पणी गाजा में इस्राइल और फलस्तीनी आतंकवादी समूह हमास के बीच युद्ध के मद्देनजर आई है। इस्राइल और फलस्तीन के हमास आतंकवादी समूह के बीच युद्ध तब शुरू हुआ जब हमास ने सात अक्तूबर को इस्राइली शहरों पर हमला किया जिसमें कम से कम 1,400 लोग मारे गए।
तेल अवीव जवाबी कार्रवाई में गाजा में सैन्य कार्रवाई कर रहा है। गाजा में हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस्राइली बलों के हवाई हमलों में कम से कम 11,000 फलिस्तीनी और विदेशी मारे गए हैं। इसके अलावा, कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हिंसा और इस्राइल के हमलों में 180 से अधिक फलिस्तीनी मारे गए हैं।
भारत के इस्राइल और प्रमुख अरब राष्ट्रों दोनों के साथ मजबूत रणनीतिक संबंध हैं। आतंकी हमलों की निंदा करते हुए भारत ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने को कहा है, लेकिन संघर्ष विराम का सीधे तौर पर आह्वान नहीं किया है। पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने नियमित मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि भारत ने संबंधित पक्षों से तनाव कम करने, हिंसा छोड़ने और द्विराष्ट्र समाधान की दिशा में सीधी शांति वार्ता की जल्द बहाली के लिए स्थितियां बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया है।