केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी दी है कि 25 मई से चरणबद्ध तरीके से देश में विमान सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए उन्होंने एयरपोर्ट्स और विमान कंपनियों को तैयार रहने को कहा है। देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 23 मार्च और घरेलू उड़ानें 25 मार्च से बंद हैं। गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉकडाउन के दौरान घरेलू हवाई यात्रा को प्रतिबंधित गतिविधियों की सूची से हटा दिया है।
पूरी ने मंगलवार को कहा था कि यात्री उड़ानें फिर से शुरू करने पर केंद्र सरकार अकेले फैसला नहीं कर सकती और राज्य सरकारों को सहयोगात्मक संघवाद की भावना के तहत इन सेवाओं की अनुमति के लिए तैयार रहना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक जारी
घरेलू उड़ानों के परिचालन को लेकर जरूर आदेश आ गया है, लेकिन अभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक जारी रहेगी। देश में करीब 20 एयरपोर्ट ऐसे हैं, जहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें परिचालित होती हैं। दुनियाभर में कोरोना के कहर को देखते हुए अभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को बंद रखने का ही फैसला लिया गया है।
एक हफ्ते पहले जारी किए थे दिशानिर्देश (एसओपी)
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक हफ्ते पहले दिशानिर्देश (एसओपी) जारी किए थे। इसके तहत पहले चरण में यात्रियों को किन—किन बातों को बातों का ध्यान रखना होगा, यह बताया गया था। इसके अलावा प्रशासन के लिए भी दिशानिर्देश जारी किए गए थे।
एसओपी में चेक इन में सिर्फ एक बैग, विमान के अंदर कोई बैग नहीं ले जाने जैसे दिशानिर्देश शामिल थे। इसके अलावा आरोग्य सेतु एप के अनिवार्य की बात भी कही गई थी। ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को पीपीई किट पहनना होगा और केवल वेब चेक-इन होगा और यात्रियों को भी मास्क, ग्लव्स, जूते, पीपीई किट आदि पहनना होगा। फ्लाइट में आगे की तीन सीट मेडिकल इमरजेंसी वाले यात्रियों के लिए आरक्षित की जाए।
स्पाइसजेट के चेयरमैन ने फैसले का स्वागत किया
स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि हम 25 मई से घरेलू उड़ान सेवाओं का परिचालन फिर शुरू करने के सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। यह फैसला देश में समग्र आर्थिक माहौल को मजबूत करने में दूरगामी साबित होगा।
परिचालन की बहाली के लिए एसओपी और उड़ानों के ब्योरे का अब भी इंतजार है, वहीं हमें विश्वास है कि यह बहुप्रतीक्षित कदम बड़ी संख्या में यात्रियों को सबसे सुरक्षित और त्वरित परिवहन प्रदान करेगा। महामारी की वजह से विमानन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है और भारत समेत अनेक देशों ने व्यावसायिक उड़ानों को पूरी तरह निलंबित करने का फैसला किया था। हालांकि, मालवाहक विमान, चिकित्सा आपात उड़ानें तथा डीजीसीए द्वारा मंजूर अन्य विशेष उड़ानों को इस अवधि में अनुमति दी गई थी।