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आसरा देकर लूटी आबरू: दो महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करता रहा हैवान, गर्भवती हुई नाबालिग तो की ये कोशिश

Sun, 25 May 2025 11:20 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे

सार

महाराष्ट्र के ठाणे में एक नाबालिग को बंधक बनाकर दो माह तक हैवानियत की गई। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।
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15 साल की नाबालिग को बंधक बनाकर किया दुष्कर्म।
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विस्तार
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महाराष्ट्र के ठाणे में एक नाबालिग के साथ चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के डोंबिवली में एक 15 वर्षीय नाबालिग  को दो महीनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ बार-बार हैवानियत की गई। बाद में जब वह गर्भवती हो गई तो उसे गर्भपात के लिए भी मजबूर किया गया।  इतना ही नहीं, उससे वेश्यावृत्ति करने को भी कहा गया। सहायक पुलिस आयुक्त (डोंबिवली) सुहास हेमाडे ने बताया कि उन्हें इस मामले का पता तब चला जब कुछ श्रमिकों ने इस बारे में शिकायत की। जिसके बाद तिलक नगर पुलिस ने डोंबिवली के ग्रामीण इलाके में एक घर पर छापा मार कर नाबालिग को बचाया गया।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि नाबालिग की मां खाने का सामान बेचती है। वह मुख्य आरोपी के संपर्क में आ गई थी। वह मसाले बेचता है और पीड़िता के परिजनों को जानता है। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।

झगड़े के बाद घर छोड़कर चली गई थी पीड़िता
पुलिस ने बताया कि पीड़िता 10वीं कक्षा की परीक्षा के बाद उसका अपनी मां से झगड़ा हुआ, जिसके बाद वह घर छोड़कर चली गई। इस बात की जानकारी जब उसकी मां के जानने वाले मसाला विक्रेता को हुई तो उसने नाबालिग को मनाकर अपने साथ आने के लिए मनाया। फिर वह उसे लेकर अपने घर गया जहां उसने नाबालिग को दो महीने तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान मसाला विक्रेता ने बार-बार उसके साथ दुष्कर्म किया, जिससे नाबालिग गर्भवती हो गई। गर्भवती होने के बाद वह उसे गर्भपात के लिए किसी अन्य व्यक्ति के पास ले गया। गर्भपात के बाद नाबालिग को एक अन्य जोड़े के घर पर ले जाकर रखा गया, जहां उसे वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया। 
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परिजनों के पूछने पर घरवालों को गुमराह करता रहा मुख्य आरोपी
पुलिस अधिकारी सहायक पुलिस आयुक्त (डोंबिवली) सुहास हेमाडे ने यह भी बताया कि इस दौरान नाबालिग का परिवार उसकी तलाश कर रहा था। जब मामले में आरोपी मुख्य आरोपी से नाबालिग के बारे में उन लोगों ने पूछा तो उसने यह कहकर गुमराह किया कि उसने लड़की को शहर में देखा था, लेकिन वह नाराज थी और वापस नहीं आएगी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसके परिजनों ने दो महीने बाद ही पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश की और तिलक नगर पुलिस ने डोंबिवली के ग्रामीण इलाके में एक घर पर छापा मार कर उसे बचाया।  पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के रेस्क्यू के बाद उसने अपनी आपबीती सुनाई। जिसके बाद, एक महिला और उसके पति सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, मुख्य आरोपी फरार है। 

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इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
मामले में सहायक पुलिस आयुक्त (डोंबिवली) सुहास हेमाडे ने पीटीआई को बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) (अपहरण), 65(1) (कुछ मामलों में बलात्कार), 88 (गर्भपात का कारण बनना), 143 (व्यक्ति की तस्करी), 144 (तस्करी किए गए व्यक्ति का शोषण) के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले में जांच कर रही है।  

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