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Dombivali Blast: इस कदर जल गए हैं शव कि नहीं हो पा रही पहचान, पुलिस ने बताई आ रही है यह समस्याएं

Sun, 26 May 2024 07:37 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कोली ने बताया कि जांच टीम विस्फोट से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जैसे- परमिट, परिचालन प्रोटोकॉल, सुरक्षा उपाय और खतरनाक केमिकलों का प्रबंधन।
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डोंबिवली ब्लास्ट - फोटो : PTI
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विस्तार
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डोंबिवली में हुए बलास्ट में 10 लोगों की जान चली गई है। वहीं, 60 से अधिक लोग घायल हैं। इस बीच पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान करने में समस्या आ रही है। क्योंकि कई शव बहुत अधिक जल गए हैं। उल्हासनगर अपराध इकाई- 4 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कोली ने बताया कि मृतकों की पहचान पंचनामा, मुआवजे जैसी कानूनी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। 

इसके अलावा, कोली ने बताया कि जांच टीम विस्फोट से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जैसे- परमिट, परिचालन प्रोटोकॉल, सुरक्षा उपाय और खतरनाक केमिकलों का प्रबंधन। आरोपियों के खिलाफ मजबूत मामला बनाने के लिए पूर्ण तकनीकी डेटा और रिकॉर्ड की आवश्यकता है। 

मुख्य आरोपी गिरफ्तार

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मामले में पुलिस ने एक दिन पहले, फैक्ट्री के मालिक और मुख्य आरोपी मलय प्रदीप मेहता को गिरफ्तार कर लिया था। ठाणे क्राइम ब्रांच ने यह कार्रवाई की। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। मलय मेहता की मां मालती मेहता को भी ठाणे पुलिस ने नासिक से हिरासत में लिया था।

एफआईआर में लापरवाही के आरोप
गौरतलब है कि पुलिस ने दो दिन पहले मालिकों और निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में मलय प्रदीप मेहता, मालती प्रदीप मेहता और अन्य निदेशकों, प्रबंधन कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम हैं, जो फैक्ट्री की देखरेख कर रहे थे। एफआईआर के अनुसार, अधिकारियों ने रसायनों के मिश्रण और भंडारण में सावधानी नहीं बरती, वह भी यह जानते हुए कि छोटी सी चूक से विस्फोट हो सकता है। विस्फोट के लगभग 12 घंटे बाद, ठाणे जिले में मानपाड़ा पुलिस ने शुक्रवार को लगभग 1.50 बजे एफआईआर दर्ज की थी।

यह है पूरा मामला

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार दोपहर 1.40 बजे अमुदान कैमिकल फैक्टरी में बॉयलर फटने से विस्फोट हुआ था। अब तक घटनास्थल से 1ा शव बरामद किए गए हैं। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की है कि घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा भी की है। उन्होंने डोंबिवली बॉयलर विस्फोट मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। 

 

 

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