पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट ने आरोप लगाया है कि कोलकाता के कालीघाट स्थित उनके आवास के बाहर एक महिला ने उन पर चाकू से हमला करने की कोशिश की। टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक हमला करने वाली महिला ने खुद को ममता बनर्जी की भतीजी होने का दावा किया। बताया गया कि ममता बनर्जी दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने के लिए घर से निकल रही थीं, तभी महिला उनकी ओर दौड़ी। पार्टी कार्यकर्ताओं ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद ममता बनर्जी के सहयोगियों ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
महिला ने ममता बनर्जी के पास पहुंचने के लिए क्या किया?
तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट के आरोपों के मुताबिक, महिला कालीघाट स्थित आवास के बाहर पहुंची थी। आरोप है कि उसने ममता बनर्जी की साड़ी खींची और उसके पास से चाकू भी मिला। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, घटना शाम करीब छह बजे हुई। महिला ने ममता बनर्जी को ‘पिशी’ यानी बुआ कहकर संबोधित किया और उनकी ओर दौड़ पड़ी। आरोप है कि उसने ममता बनर्जी की तरफ झपटने की कोशिश की। इसके बाद वह सड़क पर लेट गई और गाली-गलौज करने लगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि महिला ने वास्तव में चाकू से हमला किया या किसी को चोट पहुंची।
कार्यकर्ताओं ने महिला को कैसे पकड़ा?
आरोप है कि ममता बनर्जी के साथ मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने महिला को पकड़ लिया। उसे जमीन पर दबाकर रोका गया और पूछताछ के बाद कालीघाट पुलिस को सौंप दिया गया। बताया गया कि पकड़े जाने के दौरान भी महिला विरोध कर रही थी। पार्टी के लोगों का दावा है कि महिला ने खुद को ममता बनर्जी की भतीजी बताकर भीड़ में घुसने की कोशिश की थी। हालांकि, उसकी पहचान और ममता बनर्जी से उसके किसी संबंध की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। पुलिस की ओर से इस मामले में आगे की कार्रवाई का विवरण भी नहीं दिया गया है।
डोला सेन ने महिला को लेकर क्या दावा किया?
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद डोला सेन ने कथित तौर पर दावा किया कि महिला नशे के प्रभाव में थी और उसके हाथ में चाकू था। उनके मुताबिक, महिला ने ममता बनर्जी की भतीजी होने का दावा करके लोगों के बीच पहुंचने की कोशिश की। घटना के बाद ममता बनर्जी के सहयोगियों ने सवाल उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में ऐसी स्थिति कैसे बनी। हालांकि, महिला के नशे में होने और उसके इरादे को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
बाद में ममता बनर्जी ने क्या बयान दिया?
इसके बाद जब मीडिया ने ममता से बात की तो उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा रैली का आह्वान नहीं किया था, बल्कि इसका आयोजन छात्रों और युवाओं ने किया था। उन्होंने कहा कि अगर वह इसमें शामिल होना चाहतीं, तो जरूर जातीं, लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि उन्हें ऐसा करना ही था। ममता बनर्जी ने इस तरह के निर्देश को असंवैधानिक और गैरकानूनी बताया।