डोकलाम विवाद के बाद भारत भविष्य में इस तरह की परेशानी से निपटने के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार करना चाहता है। अब चीनी बॉर्डर से सटे लद्दाख के इलाके में और ज्यादा हवाई अड्डों का निर्माण किया जाएगा। हवाई अड्डों के निर्माण से युद्ध की स्थिति में ज्यादा सैनिकों को जल्द बॉर्डर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
चीनी बॉर्डर पर भारत बनाएगा 50 नई सीमा चौकियां, जवान सीखेंगे चीनी भाषा
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, रक्षा क्षेत्र के एक अधिकारी ने बताया कि भारत के लिए लद्दाख जैसे इलाके में सैनिकों की तैनाती करना इतना आसान नहीं रहता और बहुत ज्यादा सर्दी में यह काम और भी कठिन हो जाता है, ऐसे में हवाई मार्ग से काफी फायदा मिलेगा।
एयरफोर्स ने ऐसे इलाकों की पहचान करना भी शुरू कर दिया है जहां आने वाले वक्त में हवाई अड्डों का निर्माण किया जा सकता है। इस प्रोजेक्ट के तहत न्योमा हवाई अड्डे का भी नवीनीकरण किया जा सकता है, उसे 1962 की लड़ाई के बाद इस्तेमाल करना बंद कर दिया गया था। हालांकि, 2009 में उसे फिर से शुरू किया गया लेकिन अभी उसमें काफी काम होना बाकी है।