हथियारों की होड़ में एक देश दूसरे देश को पीछे छोड़ने में लगा है। बड़े विद्वानों का मानना है कि एक दिन मानवता के विनाश का सबसे कारण मानव निर्मित हथियार होंगे। इसका सबसे बड़ा उदाहरण जापान के नागाशकी-हिरोशिमा में अमेरिका द्वारा दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान किया गया परमाणु हमला है।
हालांकि उसके बाद भी कई छोटे-बड़े आतंकी हमले हुए हैं जिनमें लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। परमाणु हमले के बाद सबसे भयानक रूप केमिकल हमले का माना जाता है। पिछले कई सालों से विद्रोह की आग में झुलस रहे सीरिया में मंगलवार को बड़ा केमिकल हमला हुआ है।
इस हमले में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने ले 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। इस हमले के बाद जो तस्वीरें सामने आई हैं वे काफी भयानक व दर्दनाक है। हमले में 11 बच्चे भी मारे गए हैं। सीरिया में सालों से चल रहे विद्रोह में लाखों लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका सहित पूरी दुनिया में सीरिया में हुए ताजा केमिकल हमले की निंदा की है।
क्या होता है केमिकल अटैक?
केमिकल अटैक में जहरीली गैस, द्रव या ठोस पदार्थों को जानबूझकर पर्यावरण में छोड़ा जाता है जो पर्यावरण में मौजूद गैसों में मिलकर जहर बन जाते हैं। केमिकल अटैक में पीड़ित की आंखों से लगातार पानी आना शुरू हो जाता है। दम घुटने लगता है व सांस लेना मुश्किल हो जाता है जो मौत का कारण भी होता है।
केमिकल अटैक से खुद को बचाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है पानी का छिड़काव। केमिकल अटैक होने की संभावना के में जितनी जल्दी हो सके वह जगह छोड़ देनी चाहिए। या फिर संभव हो तो पानी के फव्वारे के पास चले जाना चाहिए। हालांकि आपातकाल में यह सब संभव नहीं हो पाता है। इसलिए हो सके तो मुंह पर मॉस्क लगा लें।
केमिकल अटैक के बाद कैसी बदहाल होती है जिंदगी?
केमिकल अटैक के बाद जिंदगी सबसे ज्यादा बदहाल हो जाती है। सड़कों पर तड़पते लोग, बच्चे, बूढ़े सब बेबस होते हैं। सीरिया में हुए केमिकल हमले का एक वीडियो सामने आया है। उसमें देखा जा सकता है कि कैसे बड़े व बच्चे सड़कों पर तड़प-तड़प कर मर रहे हैं।