दिलसुखनगर बम धमाके मामले में दोषी ठहराए गए इंडियन मुजाहिद्दीन के पांच आतंकियों को दोषी ठहराए जाने के बाद अभियोजन पक्ष के वकील ने एनआईए कोर्ट में उनके लिए फांसी की मांग की। अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, दोषी आतंकियों के पक्षकार कोर्ट में मौजूद नहीं थे। ऐसे में कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की टिप्पणी पर दोषियों की प्रतिक्रिया चाही तो दोषियों ने कहा, 'हमें फांसी दे दो।'
कोर्ट ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाने के साथ-साथ अलग-अलग धाराओं के तहत जुर्माना भी लगाया। कोर्ट रूम में मौजूद एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यासीन भटकल ने जज साहब ने पूछा, ' क्या जुर्माना पुराने नोटों से अदा किया जा सकता है या नए नोट ही इस्तेमाल करने पड़ेंगे? '
गौरतलब है कि 13 दिसंबर को हुए बम धमाकों के मामले में आईएम के पांच आतंकियों- आईएम के सह संस्थापक यासीन भटकल, पाकिस्तानी नागरिक जिया-उर-रहमान, असादुल्लाह अख्तर, तहसीन अख्तर और ऐजाज को दोषी ठहराया गया है। दिलसुखनगर में आईईडी बम धमाके कर इन आतंकियों ने 18 लोगों की जान ले ली थी।