कोरोनवायरस से निपटने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को लोगों से अपील की कि वह इससे घबराएं नहीं। मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा 15 अप्रैल 2020 तक के लिए बढ़ाने की जानकारी भी दी।
मंत्रालय ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश में मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। मंत्रालय की ओर से संयुक्त सचिव लव गुप्ता ने कहा कि भारत के प्रवासी नागरिकों (ओसीआई) कार्डधारकों को दी जाने वाली वीजा-मुक्त यात्रा की सुविधा 15 अप्रैल 2020 तक के लिए दी गई है। यह 13 मार्च 2020 को 12 बजे से लागू होगी।
उन्होंने कहा कि देश में अब तक दर्ज किए गए 73 मामलों में से 56 भारतीय हैं और 17 विदेशी नागरिक हैं। अब तक भारत सरकार ने मालदीव, म्यांमार, बांग्लादेश, चीन, अमेरिका, मेडागास्कर, श्रीलंका, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका और पेरू जैसे 48 अन्य देशों से 900 भारतीय नागरिकों को निकाला है। उन्होंने बताया कि देश भर में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों के रक्त आदि के नमूनों की जांच के लिए कुल 56 नमूना संग्रह केंद्र और 52 परीक्षण सुविधाएं मौजूद हैं।
संयुक्त सचिव अग्रवाल ने यह भी बताया कि हमारे पास पहले से ही लगभग 1 लाख परीक्षण किट उपलब्ध हैं, अतिरिक्त परीक्षण किट पहले ही ऑर्डर किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस से खुद का बचाव के लिए हर वक्त मास्क पहनना जरूरी नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अपने आसपास के लोगों से पर्याप्त दूरी बनाए रखता है तो उसे मास्क की जरूरत नहीं है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारत में इस वायरस ने फिलहाल आम नागरिकों के बीच बड़े पैमाने पर अपने पैर नहीं पसारे हैं। हमारे यहां केवल कुछ मामले हैं जो बाहर से आए हैं और इन मामलों में भी संक्रमित मरीजों ने मुख्य रूप से परिवार के करीबी सदस्यों को ही प्रभावित किया है।
संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोनावायरस से जुड़े सभी तथ्यों का अध्ययन किया जा रहा है। हालांकि अभी तक कोई पुष्टिकरण अध्ययन नहीं है। आम तौर पर यह उम्मीद की जाती है कि इस वायरस को उच्च तापमान में जीवित रहने में कठिनाई हो सकती है, लेकिन इस बात की निश्चित तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।