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भारत की ब्रिटेन को दो टूक, माल्या को भारत भेजने की प्रक्रिया जल्द करें पूरी

Fri, 05 May 2017 05:12 AM IST
amarujala.com - Presented By: अनंत पालीवाल
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भारत ने बैंकों के 9,000 करोड़ रुपये का लोन चुकाए बिना देश छोड़ कर गए उद्योगपति विजय माल्या के शीघ्र प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन से इससे संबंधित कार्यवाही में तेजी लाने की मांग की है।
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भारत के गृह सचिव राजीव महर्षि और ब्रिटेन के गृह सचिव पात्सी विल्किंसन के बीच करीब दो घंटे चली बैठक में माल्या मामले में अदालत में चल रही सुनवाई में भारत ने ब्रिटेन को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
 
गौरतलब है कि अदालती सुनवाई में ब्रिटिश अधिकारियों के सहयोग के लिए पहले ही जांच एजेंसी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की 4 सदस्यीय टीम ने लंदन में डेरा डाल रखा है।
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बैठक में ब्रिटेन में सक्रिय खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों और आतंकी संगठन आईएस से जुड़े आतंकवादियों पर भी खुफिया सूचनाएं साझा की। बैठक में महर्षि ने माल्या के प्रत्यर्पण के मामले में ब्रिटिश सरकार की ओर से सकारात्मक रुख की सराहना की। 

प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तेजी लाने और अदालती कार्रवाई को आसान बनाने केलिए भारतीय अभियोजन एजेंसी और ब्रिटिश अभियोजन विभाग क्राउन प्रोसीक्यूशन के बीच सीधा संवाद कायम करने का भी सुझाव दिया।

इस दौरान 25 साल पुराने प्रत्यर्पण संधि के बावजूद प्रत्यर्पण मामले में तेजी नहीं आ पाने के कारणों पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि 1992 में भारत और ब्रिटेन ने प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अब तक सिर्फ एक प्रत्यर्पण ही संभव हो सका है। 

हालांकि भगोड़े कारोबारी माल्या के प्रत्यर्पण की मांग को ब्रिटिश सरकार ने स्वीकार कर लिया है। इसके बाद स्थानीय संविधान के मुताबिक इस मामले को अदालत भेज दिया गया है।

इस मामले में अदालत ने माल्या के खिलाफ बीते दिनों वारंट जारी किया था लेकिन  अदालत ने उसी दिन माल्या को जमानत भी दे दी थी। अदालत में मामला कमजोर न पड़ने देने के लिए भारत ने सीबीआई और ईडी की 4 सदस्यों की टीम को लंदन रवाना किया था। गौरतलब है कि विजय माल्या 2 मार्च 2016 को भारत से भागकर ब्रिटेन चला गया था और तब से वहीं रह रहा है। 
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