DNPA के कार्यक्रम में अमर उजाला डिजिटल के संपादक जयदीप कर्णिक, नलिन मेहता, विक्रम चंद्रा और अन्य।
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कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण समाचारों की दुनिया में बड़ा बदलाव आ सकता है। पत्रकारिता के क्षेत्र के बड़े दिग्गजों का मानना है कि नई तकनीक के कारण पत्रकारों की भूमिका में भी बड़ा बदलाव आ सकता है। पत्रकारों को भी तकनीकी के अनुसार अपने को ज्यादा दक्ष बनाने की जरूरत पड़ सकती है। तकनीकी कभी किसी क्षेत्र में बाधा नहीं बनती। इसका बेहतर उपयोग पत्रकारिता को भी बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
अमर उजाला डिजिटल के संपादक जयदीप कर्णिक ने कहा कि पत्रकारिता में जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है। यह वस्तु सदैव महत्वपूर्ण रही है और आगे भी बनी रहेगी। कोई मशीन या तकनीक इस चीज को प्रतिस्थापित नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि नियंत्रित संस्थाओं के दौर में उनके अंदर से सूचनाओं को निकालकर लाने की चुनौती सदैव पत्रकार ही करेंगे। यह कार्य कभी भी किसी तकनीकी या मशीन के ऊपर नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि तकनीक हमारे लिए सहायक हो सकती है, यह हमारे लिए कभी बाधा नहीं बन सकती।
उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में पत्रकारिता की दुनिया बहुत बदली है। आने वाले समय में भी यह तेजी बनी रह सकती है, लेकिन नई तकनीक के अनुसार इस क्षेत्र में आने वाले युवाओं को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तकनीक को बाधा की तरह से देखना उचित नहीं है। इसे बेहतर पत्रकारिता के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।
'आज के समय में पत्रकारिता' विषय पर अपना विचार रखते हुए विक्रम चंद्रा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के आने से पत्रकारिता पूरी तरह बदल जाएगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता हमसे बेहतर लिखने-बोलने की क्षमता रखती है। ऐसे में अब पत्रकारिता में लिखने और समाचार पढ़ने वाले एंकर की भूमि बदल जाएगी। पत्रकारों का कार्य विभिन्न क्षेत्रों से आ रही सूचनाओं के बेहतर प्रस्तुतिकरण में बदल सकता है।