उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू
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व्यक्ति की पहचान करने के लिए डीएनए तकनीक के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले डीएनए प्रौद्योगिकी विनियमन विधेयक को जांच के लिए संसद की स्थायी समिति के पास भेजा गया है। लोकसभा सचिवालय ने इसकी जानकारी दी, मानसून सत्र के दौरान जुलाई में यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है।
डीएनए तकनीक की मदद से आमतौर पर अपराधियों, पीड़ितों, संदिग्धों की पहचान की जाती है। लोकसभा सचिवालय ने बुलेटिन में बताया कि राज्यसभा अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू ने इस विधेयक को जांच के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और वन एवं पर्यावरण के लिए संसद की स्थायी समिति के पास भेजने का निर्देश दिया था।
समिति इस पर तीन महीने में रिपोर्ट सौंपेगी। समिति के अध्यक्ष कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने जनता से इस विधेयक पर सुझाव मांगे हैं। इसी तरह का एक विधेयक पिछले साल जनवरी में भी लोकसभा में पास हुआ था लेकिन राज्यसभा की मंजूरी उसे नहीं मिली थी। विधेयक में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर डीएनए डाटा बैंक स्थापित करने का भी प्रावधान है।