तमिलनाडु में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राज्यभर में सियासी में गर्माहट अपने चरम पर है। राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी भी तेज कर दी है। इसी बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ द्रमुक (डीएमके) पार्टी के प्रमुख एमके स्टालिन ने मंगलवार को विश्वास जताया कि उनकी पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों में एक बार फिर सत्ता में वापसी करेगी। साथ ही उन्होंने विपक्षी गठबंधन अवसरवादी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग अवसरवादी गठबंधन बनाकर बार-बार तमिलनाडु के साथ धोखा कर चुके हैं, वे डीएमके की हार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन जनता उनके सारे हिसाब-किताब गलत साबित कर देगी।
डीएमके के कल्याणकारी योजनाओं पर जोर
सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर फोकस
'राजनीतिक धमकियों से नहीं डरती DMK'
चुनावी घमासान में जारी आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति की भी बात की। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी डीएमके किसी भी राजनीतिक प्रतिशोध के तौर पर विभिन्न एजेंसियों के इस्तेमाल या धमकी से डरने वाली नहीं है क्योंकि यह स्वाभिमान का आंदोलन है। उन्होंने कहा कि यह तमिलनाडु के अधिकारों को वापस दिलाने वाला आंदोलन है, और देश को राह दिखाने वाला भी।