केंद्र सरकार पर हिंदी भाषा को थोपे जाने का आरोप लगाते हुए डीएमके प्रमुख एमके स्तालिन ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में 20 सितंबर को सुबह 10 बजे राज्य के सभी जिलों में प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन का फैसला पार्टी की उच्चस्तरीय समिति ने एक बैठक में लिया।
दरअसल, हिंदी दिवस के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि पूरे देश की एक भाषा होना बेहद जरूरी है जिससे दुनिया में भारत की पहचान बने। गृह मंत्री ने कहा था कि आज देश को एकता की डोर में बांधने का काम यदि कोई भाषा कर सकती है तो वह सर्वाधिक बोली जाने वाली हिंदी भाषा ही है।
शाह के इस बयान का विपक्ष ने विरोध किया था। डीएमके प्रमुख एमके स्तालिन ने कहा था कि हम हिंदी थोपने का काफी समय से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि अमित शाह के बयान से हमें धक्का लगा है। ऐसे फैसलों से देश की एकता प्रभावित होगी। स्तालिन ने कहा था कि उन्हें बयान वापस लेना चाहिए।