विधायक बी राजा ने ट्वीट कर कहा कि लोकतंत्र में राज्यपाल का पद शायद सबसे बेकार है, इसको नहीं होना चाहिए। राज्यपाल की राजनीतिक लाभ के लिए नियुक्ति लोकतंत्र पर एक धब्बा है।
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके और राज्यपाल के बीच विवाद कम नहीं हो रहा है। द्रमुक लगातार राज्यपाल पर हमलावर है, यहां की पार्टी ने राज्यपाल को हटाने की मांग तक कर डाली। वहीं तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि पर निशाना साधते हुए सत्तारूढ़ द्रमुक विधायक टी आर बी राजा ने गुरुवार को कहा कि लोकतंत्र में राज्यपाल का पद होने का कोई मतलब नहीं है।
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विधायक बी राजा ने ट्वीट कर कहा कि लोकतंत्र में राज्यपाल का पद शायद सबसे बेकार है, इसको नहीं होना चाहिए। एक निर्वाचित शासन के कामकाज में दखलअंदाजी की कोशिश की जा रही है और राज्यपाल की राजनीतिक लाभ के लिए नियुक्ति लोकतंत्र पर एक धब्बा है।
विधायक टी आर बी राजा डीएमके के आईटी विंग के सचिव और पार्टी के वरिष्ठ नेता टी आर बालू के बेटे हैं। उन्होंने ट्विटर पर 'दुनिया की सबसे बेकार चीजों' की तस्वीर पोस्ट की और जिसमें रवि की तस्वीर को भी रखा गया है। विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को मंजूरी देने और विचारधारा से जुड़े मुद्दों पर सत्तारूढ़ डीएमके का रवि के साथ टकराव है।
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रबर स्टैंप की तरह काम कर रहे राज्यपाल
इससे पहले डीएमके के प्रवक्ता, सरवनन ने कहा था कि राज्यपाल संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं। वह तमिलनाडु के लोगों की इच्छा को नकार रहे हैं। जब संविधान कहता है कि उनको संविधान के अनुसार काम करना है, तो राज्यपाल को करना होगा। आगे उन्होंने कहा कि वह एक रबर स्टैंप है। निर्वाचित सरकार होने पर चीजों की संवैधानिक योजना में उनकी कोई अन्य भूमिका नहीं है।