द्रमुक सांसद ए. राजा।
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अलग तमिल राष्ट्र की मांग को लेकर डीएमके नेता ए राजा के बयान के बाद इस पर बवाल मच गया है। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को पूर्ण स्वायत्तता प्रदान करे, उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा था कि उन्हें अलग तमिल राष्ट्र की मांग करने पर मजबूर ना किया जाए। ए राजा के इस बयान पर डीएमके सांसद टीकेएस एलंगोवन ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि अलग राष्ट्र की मांग करना द्रमुक की नीति कभी नहीं रही। इसके बजाय, राज्यों को अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए।
एलंगोवन ने दी सफाई
उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजा ने हताशा में यह टिप्पणी की। अलग राष्ट्र की मांग करना द्रमुक की नीति कभी नहीं रही। इसके बजाय, राज्यों को अधिक अधिकार दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ए राजा ने यह बयान इसलिए दिया क्योंकि केंद्र सरकार हमें अधिकार नहीं दे रही। हम राज्य कैसे चलाते हैं? उन्होंने जीएसटी के माध्यम से कर लगाने की शक्ति ले ली है।
डीएमके सांसद टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि ए राजा तमिलनाडु को दो भागों में विभाजित करने के बारे में कैसे कह सकते हैं? अगर राज्य विभाजित होगा तो यह डीएमके होगा जिसके पास दो सीएम होंगे। गौरतलब है कि इससे पहले तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष नारायणन थिरुपति ने ए राजा के बयान को लेकर कहा था कि राजा की टिप्पणी पार्टी में विभाजन को दर्शाती है।
ए राजा ने दिया था ये बयान
गौरतलब है कि रविवार को नामक्कल में आयोजित एक पार्टी कार्यक्रम में ए राजा ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी थी। द्रमुक नेता ए राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह तमिलनाडु को स्वायत्तता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि उन्हें अलग तमिल राष्ट्र की मांग करने के लिए मजबूर ना किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि जब तक तमिलनाडु को पूर्ण स्वायत्तता नहीं मिल जाती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।