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Controversy: सड़क परियोजना के भूमि पूजन में भड़के डीएमके सांसद, बोले- चर्च के पादरी और इमाम कहां हैं? जानें पूरा मामला

Sat, 16 Jul 2022 07:36 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

धर्मपुरी सीट से लोकसभा सांसद सेंथिलकुमार ने कहा कि वह पूजा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकारी आयोजनों में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए।सेंथिलकुमार ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे उन्हें ऐसे कार्यक्रमों में आमंत्रित न करें जिनमें किसी विशेष धर्म की प्रार्थना शामिल हो।
 
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डीएमके अध्यक्ष स्टालिन - फोटो : ANI
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विस्तार
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सत्तारूढ़ द्रमुक के लोकसभा सांसद एस सेंथिलकुमार ने एक हिंदू पुजारी द्वारा सड़क परियोजना के लिए 'भूमि पूजा' कराए जाने का विरोध किया है। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे किसी भी सरकारी आयोजन के लिए सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए ना कि किसी एक धर्म के प्रतिनिधि को शामिल किया जाना चाहिए। 

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क्या है पूरा मामला
दरअसल, धर्मपुरी सीट से लोकसभा सांसद सेंथिलकुमार एक सड़क परियोजना की भूमि पूजा के लिए अपने गृह जिले में पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता से पूछा कि क्या उन्हें पता है कि एक सरकारी समारोह को इस तरह से आयोजित नहीं किया जाना चाहिए, जिसमें केवल एक विशेष धर्म की प्रार्थना शामिल हो। उन्होंने अधिकारी से पूछा कि आप ये बात जानते हैं या नहीं। 

'अन्य धर्मों के लोग कहां हैं?' 
इस दौरान मौके पर मौजूद एक भगवा वस्त्र पहने हिंदू पुजारी को देखकर उन्होंने अधिकारी से पूछा कि अन्य धर्मों के प्रतिनिधि कहां है। उन्होंने अधिकारी से कहा कि, "यह क्या है? अन्य धर्म कहां हैं? ईसाई और मुस्लिम कहां हैं? चर्च के फादर, इमाम को आमंत्रित करें, किसी भी धर्म को नहीं मानने वालों को भी आमंत्रित करें। गौरतलब है कि सामाजिक न्याय के प्रतीक पेरियार ईवी रामासामी द्वारा स्थापित एक तर्कवादी संगठन द्रविड़ कड़गम सत्तारूढ़ द्रमुक का मूल निकाय है।
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'सरकार सभी धर्मों के लिए'
सांसद एस सेंथिलकुमार की डांट के बाद लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता ने सांसद से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि  अधिकारी से कहा कि यह शासन का द्रविड़ मॉडल है। सरकार सभी धर्मों के लोगों के लिए है।

इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पूजा के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन, सरकारी आयोजनों में सभी धर्मों को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए। सेंथिलकुमार ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे उन्हें ऐसे कार्यक्रमों में आमंत्रित न करें जिनमें किसी विशेष धर्म की प्रार्थना शामिल हो। अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद सांसद ने परियोजना का उद्घाटन किया। हालांकि इस दौरान पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कोई प्रार्थना नहीं की गई। सेंथिलकुमार ने इस बातचीत का एक वीडियो भी अपने ट्विटर हैंडल पर साझा किया है।  

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