डीएमके नेता एमके स्टालिन बुधवार को भूख हड़ताल पर बैठें। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह भूख हड़ताल हमारे लिए नहीं है। यह तमिलनाडु में स्थापित बेनामी नियम के खिलाफ है।
Trichy: Hunger protest which we are undertaking today is not for us. It is against benami rule established in Tamil Nadu: MK Stalin, DMK pic.twitter.com/LUDXTD121j
— ANI (@ANI_news) February 22, 2017
एआईडीएमके महासचिव शशिकला पर कटाक्ष करते हुए स्टालिन ने कहा कि जयललिता की मौत में यदि सलीके से जांच होती है तो जिन्हें चार साल की सजा हुई है, उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिलेगी।
If proper probe takes place into #Jayalalithaa's death,the person who's in jail for 4yrs now will be awarded lifetime imprisonment-MK Stalin pic.twitter.com/LZk4KbUz5F
— ANI (@ANI_news) February 22, 2017
बताते चलें कि पलनीसामी के फ्लोर टेस्ट को डीएमके ने असंवैधानिक बताया था। स्टालिन का आरोप था कि विधानसभा स्थगित होने के बाद वोट पड़ें। उन्होंने आरोप लगाया था कि विधानसभा में लोकतंत्र की हत्या हुई। इसके बाद वह मरीना बीच पर प्रदर्शन करने पहुंचे। वहां भूख हड़ताल की कोशिश करने पर पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था।