कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को पार्टी नेताओं के साथ ओड़िशा के कांग्रेस विधायकों से वंडरला रिसॉर्ट में मुलाकात की। ये विधायक ओड़िशा में आगामी राज्यसभा चुनावों को देखते हुए खरीद-फरोख्त की आशंकाओं के बीच यहां पहुंचे हैं।
उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने क्या कहा?
वहीं, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, बंगलूरू में ओड़िशा के कांग्रेस विधायकों से मिलकर खुशी हुई। उनके साथ ओड़िशा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भक्त चरण दास भी मौजूद थे और उनसे बातचीत करने का अवसर मिला। उनकी एकता और दृढ़ संकल्प यह दर्शाता है कि कांग्रेस नेताओं का एकजुट रहकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प किसी भी प्रयास से कमजोर नहीं हो सकता।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि यह कदम चुनाव से पहले विधायकों की एकता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय एहतियात के तौर पर लिया गया, क्योंकि भाजपा ने राज्यसभा की सीट के लिए दूसरा उम्मीदवार उतारा, जिससे राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ गई।
कल सुबह चार और विधायकों के पहुंचने की संभावना: पार्टी सूत्र
कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा, विधायकों को प्रभावित करने और क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते, नेतृत्व ने उन्हें मतदान तक राज्य से बाहर भेजने का फैसला किया। पार्टी नेताओं ने संकेत दिया कि जल्द ही और अधिक विधायक इस समूह में शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, चार और विधायकों के शनिवार सुबह तक बंगलूरू पहुंचने की संभावना है।
वर्तमान में ओड़िशा विधानसभा में कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और राज्यसभा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता है। सूत्रों ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को चुनाव से पहले विभिन्न दलों के विधायकों के साथ संभावित राजनीतिक सौदेबाजी और लाभ देने की आशंका थी। कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आए हुए विधायकों के लिए व्यवस्था की।
ये भी पढ़ें:
त्रिपुरा के राज्यपाल ने निवेश पर दिया जोर, विधानसभा में बोले- चुनौतियों को अवसरों में बदलें
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने उनके ठहरने की व्यवस्थाओं की देखरेख की। विधायक वर्तमान में शहर से लगभग 35 किमी दूर स्थित एक मनोरंजन पार्क के रिसॉर्ट में रह रहे हैं। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, विधायकों के सोमवार सुबह तक वहीं रहने की उम्मीद है, इसके बाद वे राज्यसभा चुनाव में मतदान के लिए भुवनेश्वर लौटेंगे।