फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जादू-टोने से होने वाली हत्या को रोकने की कोशिश कर रहे हैं ओडिशा के एसपी

Sun, 17 Mar 2019 12:32 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, क्योंझर
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pexels.com
विज्ञापन

ओडिशा के क्योंझर जिले में एक इमारत उन हजारों लोगों की याद में बनाई गई है जिनपर तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाकर मार दिया गया या नुकसान पहुंचाया गया। उरुमुंडा क्षेत्र में रहने वाले दुखिनी मुंडा अपनी मां नथी मुंडा पर सितंबर 2017 में हुए हमले को याद करके आज भी सिहर उठते हैं। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा, 'मेरी मां खाना बना रही थी। मैं मकान के पीछे जुताई कर रहा था तभी मैंने आवाज सुनी। जैसे ही मैं अदंर गया मैंने देखा कि पास के गांव के तीन आदमी मेरी मां को घर के बाहर खींच रहे हैं।

उनके पास लकड़ी के तख्त थे और वह मेरी मां को दहनी बुला रहे थे। उन्होंने मेरी मां के सिर पर प्रहार किया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमलावरों ने उनकी मां पर चार साल के बच्चे की मौत का आरोप लगाया। बच्चे को कई हफ्तों से बुखार था।'
विज्ञापन


बाद में पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिन पुरुषों ने नथी की हत्या की उन्होंने स्थानीय बाजार में सुना थी कि वह काला जादू करती है और उसका शैतानी षड्यंत्र बच्चे को मार देगा।

मुंडा ने आगे कहा, 'मुझे नहीं पता कि उन्होंने क्यों मेरी मां पर शक किया कि वह एक चुड़ैल है। हम उस छोटे बच्चे के परिवार को ठीक तरह से जानते भी नहीं थे। सभी आरोपियों को दो हफ्तों के अंदर गिरफ्तार कर लिया गया। वह सभी इस समय जेल में हैं।'

कुछ दिनों बाद क्योंझर जिले की ही कुमुदिनी बरीक को भी चुड़ैल बताकर हमला किया गया था। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि एक दिन उन लोगों के लिए इमारत बनाई जाएगी जिन्हें चुड़ैल बताकर मार दिया जाता है।

ओडिशा सरकार ने क्योंझर जिला पुलिस में एक कैंपस बनाया है। जिला पुलिस लोगों को संवेदनशील बनाने की कोशिश कर रही है। जिले के पुलिस अधीक्षक जय नारायण पंकज ने इस इमारत को बनाने का सपना देखा था। उनका कहना है कि चुड़ैल बताकर लोगों की हत्या करना बंद होना चाहिए।

जय नारायण ने कहा, 'हमें अंधे और अनुचित विश्वास के प्रति लोगों की धारणा को बदलना होगा और पीड़ितों और उनके परिवारों को गरिमा प्रदान करना चाहिए जिन्हें अक्सर समाज द्वारा अपमानित किया जाता है।' 

विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक जय नारायण पंकज ने क्या किया

जय नारायण पंकज - फोटो : Facebook
पंकज 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैंने क्योंझर के पुलिस अधीक्षक के तौर पर अप्रैल 2018 में पदभार संभाला था तो मैं यहां तंत्र-मंत्र वाली हत्या की घटनाएं देखकर चौंक गया था।' 

उन्होंने कहा, 'क्योंझर खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। यहां कई आदिवासी बहुल और पिछड़े गांव अभी भी काले जादू की चपेट में हैं। मैंने कुछ किताबे पढ़कर शोध किया है और इंटरनेट से चुड़ैल हत्या को लेकर जानकारी अर्जित की है।

मुझे पता चला कि असम, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी ऐसी घटनाएं होती हैं। इसके बाद मैंने यह इमारत बनवाई और लोगों को जागरुक करने के लिए जागरुकता अभियान चलाया।'

मूर्ति के चारों ओर एक दीवार है जिसमें कई पीड़ितों के नाम हैं जो हमलों में मारे गए हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ित कभी भी तंत्र-मंत्र में शामिल नहीं थे। उन्होंने कभी काला जादू नहीं किया था।

उन्होंने बताया, 'अजीब और संदिग्ध कारणों की वजह से स्थानीय लोग कभी-कभार बुजुर्ग महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों को तांत्रिक समझ बैठते हैं। उनके साथ मारपीट होती है, हत्या कर दी जाती है। कुछ मामलों में पुरुषों पर भी आरोप लगाया जाता है।' 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें