पंकज 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैंने क्योंझर के पुलिस अधीक्षक के तौर पर अप्रैल 2018 में पदभार संभाला था तो मैं यहां तंत्र-मंत्र वाली हत्या की घटनाएं देखकर चौंक गया था।'
उन्होंने कहा, 'क्योंझर खनिज और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। यहां कई आदिवासी बहुल और पिछड़े गांव अभी भी काले जादू की चपेट में हैं। मैंने कुछ किताबे पढ़कर शोध किया है और इंटरनेट से चुड़ैल हत्या को लेकर जानकारी अर्जित की है।
मुझे पता चला कि असम, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी ऐसी घटनाएं होती हैं। इसके बाद मैंने यह इमारत बनवाई और लोगों को जागरुक करने के लिए जागरुकता अभियान चलाया।'
मूर्ति के चारों ओर एक दीवार है जिसमें कई पीड़ितों के नाम हैं जो हमलों में मारे गए हैं। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि पीड़ित कभी भी तंत्र-मंत्र में शामिल नहीं थे। उन्होंने कभी काला जादू नहीं किया था।
उन्होंने बताया, 'अजीब और संदिग्ध कारणों की वजह से स्थानीय लोग कभी-कभार बुजुर्ग महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों को तांत्रिक समझ बैठते हैं। उनके साथ मारपीट होती है, हत्या कर दी जाती है। कुछ मामलों में पुरुषों पर भी आरोप लगाया जाता है।'