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Corona Virus: देश का सबसे अधिक प्रसार वाला जिला बना असम का बिश्वनाथ, प्रशासन कर रहा जरूरी इंतजाम

Sat, 22 Oct 2022 06:24 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि जिन 46 जिलों में कोरोना का संक्रमण 10 से लेकर 70 फीसदी के बीच है, वहां के प्रशासन को तत्काल इस पर संज्ञान लेना चाहिए और यहां जरूरी इंतजाम करने होंगे। 
 
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कोरोना सैंपल लेता स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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त्योहारों के बीच नए वैरिएंट सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों के साथ जिला वार स्थिति को साझा की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश व राजस्थान सहित देश के 11 राज्यों के 46 जिलों में कोरोना का संक्रमण सबसे अधिक है। असम का बिश्वनाथ जिला 70 फीसदी संक्रमण प्रसार के साथ देश का सबसे अधिक मौजूदा कोरोना प्रसार वाला जिला बना है। 

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि जिन 46 जिलों में कोरोना का संक्रमण 10 से लेकर 70 फीसदी के बीच है, वहां के प्रशासन को तत्काल इस पर संज्ञान लेना चाहिए और यहां जरूरी इंतजाम करने होंगे। 

इनके अलावा रिपोर्ट में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 12 राज्यों के 56 जिलों में भी संक्रमण पांच फीसदी से अधिक होने की जानकारी दी गई है। साथ ही, राज्यों से कहा है कि त्योहारों के दौरान लोगों से कोविड सतर्कता नियमों का पालन कराने की अपील पर जोर दिया जाए। 
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2,119 नए मामले, 10 की मौत
बीते दिन देश में 2119 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच 10 मरीजों की मौत हुई है। बहरहाल देश में कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4,46,38,636 हो गई, जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 25,037 रह गई है। संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी बढ़कर 5,28,953 पर पहुंच गई है। मंत्रालय ने बताया कि जिन 10 लोगों की मौत बीते दिन हुई है उनमें पांच मामले केरल से दर्ज हैं जो कि पुराने हैं। 

देश के ज्यादातर हिस्सों में  मिला ओमिक्रॉन का बीए.2.75 उप वैरिएंट 
जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए भारत में कोरोना वायरस के बदलावों की निगरानी रखने वाले इन्साकॉग का कहना है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में ओमिक्रॉन वैरिएंट का बीए.2.75 उप वैरिएंट मिल रहा है, जबकि बीए.5 नामक उप वैरिएंट में कमी आई है जो बीते जुलाई और अगस्त माह में सर्वाधिक दिखाई दे रहा था। हालांकि, इन्साकॉग का साफ तौर पर कहना है कि वायरस में बदलाव से नए उप वैरिएंट सामने आए हैं लेकिन इसकी वजह से अस्पताल में भर्ती होने या किसी बीमारी की गंभीरता में कोई उछाल नहीं देखा गया है। 

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