गुजरात चुनाव के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साबरमती में वोट डालने के बाद 'रोड शो' निकालने पर बवाल मच गया है। कांग्रेस ने इसे चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन बताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पीएमओ के दबाव में काम कर रहा है।
गुजरात कांग्रेस के प्रभारी अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि, भाजपा और उसके नेताओं द्वारा चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के मामलों की लगातार शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक इंटरव्यू देकर अपनी अभिव्यक्ति जाहिर की तो उनके और चैनल के खिलाफ मुकदमा कर दिया गया।
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वहीं कांग्रेस की प्रेस कान्फ्रेंस के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। काफी संख्या में कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। इसके चलते आयोग के अलावा आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
इसी बीच भाजपा की ओर से भी वरिष्ठ नेताओं का एक समूह चुनाव आयुक्त से मिलने पहुंचा जिसमें केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण और मुख्तार अब्बास नकवी मौजूद रहे। भाजपा ने मतदान के दौरान कांग्रेस की प्रेस कान्फ्रेंस को मुद्दा बनाते हुए चुनाव आचार संहिता का आरोप लगाते हुए आयोग से कार्रवाई करने की मांग की है।
Delhi: BJP delegation leaves from the office of the Election Commission of India #GujaratElection2017 pic.twitter.com/0LvNSvudlZ
— ANI (@ANI) December 14, 2017
ये सारा विवाद उस समय शुरू हुआ जब गुजरात चुनाव के अंतिम चरण में प्रधानंमत्री मोदी ने साबरमती पहुंचकर रणिप क्षेत्र में पोलिंग बूथ नंबर 115 पर वोट डाला्। इसके बाद वह बाहर निकले तो सड़कों पर लोगों का हुजूम जमा था, जिसे देख प्रधानमंत्री ने गाड़ी में सवार होकर उनका अभिवादन शुरू कर दिया, जिससे पूरी तरह रोड शो के जैसा नजारा बन गया। इस दौरान भारी संख्या में मौजूद लोगों ने मोदी-मोदी के नारे भी लगाए।
#WATCH Ahmedabad: PM Narendra Modi leaves after casting his vote at booth number 115 in Sabarmati's Ranip locality. #GujaratElection2017 pic.twitter.com/cRqbmApgMv
— ANI (@ANI) December 14, 2017
मीडिया में इस रोड शो की तस्वीरें आने के बाद हंगामा खड़ा हो गया। कांग्रेस ने तुरंत इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रेस कान्फ्रेंस कर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। गुजरात चुनाव के प्रभारी और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जानबूझकर भाजपा को प्रश्रय दे रहा है जबकि विपक्षी पार्टियों पर अनावश्यक कार्रवाई की जा रही है।