सेना में ‘ऐ दिल है मुश्किल’ पर हो रही राजनीति में घसीटे जाने को लेकर अंदरखाने गहरी नाराजगी है। सेना के तीनों अंगों के मौजूदा अधिकारी बिना रिकार्ड पर आए अपनी असहजता जता रहे हैं। जबकि सेवानिवृत अधिकारी इस हालात के खिलाफ काफी मुखर हैं। रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि सेना ऐसा अनुदान स्वीकार नहीं करेगी। आधिकारिक तौर पर इस मामले में इतनी जल्दी कुछ नहीं कहा जा सकता।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने फिल्म की रिलीज के शर्त के तौर पर प्रोड्यूसर से पांच करोड़ रुपये सेना वेलफेयर फंड में जमा करने को कहा है। यह शर्त इसलिए है कि ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में पाकिस्तानी कलाकार ने काम किया है।
इस सवाल पर उत्तरी कमान के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी एस जसवाल ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि सेना को ऐसे मामलों से दूर रखना चाहिए। वायुसेना ने पूर्व वाइस मार्शल मनमोहन बहादुर ने कहा कि उन्होंने चालीस साल वर्दी पहन देश की सेवा की है। लेकिन कभी भी जबरन वसूली के पैसे पर गुजारा नहीं किया।