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‘ऐ दिल है मुश्किल’ की राजनीति पर सेना का जवाब-नहीं चाहिए जबरन वसूली के पैसे

Sun, 23 Oct 2016 09:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सेना में ‘ऐ दिल है मुश्किल’ पर हो रही राजनीति में घसीटे जाने को लेकर अंदरखाने गहरी नाराजगी है। सेना के तीनों अंगों के मौजूदा अधिकारी बिना रिकार्ड पर आए अपनी असहजता जता रहे हैं। जबकि सेवानिवृत अधिकारी इस हालात के खिलाफ काफी मुखर हैं। रक्षा मंत्रालय ने संकेत दिया है कि सेना ऐसा अनुदान स्वीकार नहीं करेगी। आधिकारिक तौर पर इस मामले में इतनी जल्दी कुछ नहीं कहा जा सकता।
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गौरतलब है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने फिल्म की रिलीज के शर्त  के तौर पर प्रोड्यूसर से पांच करोड़ रुपये सेना वेलफेयर फंड में जमा करने को कहा है। यह शर्त इसलिए है कि ‘ऐ  दिल है मुश्किल’ में पाकिस्तानी कलाकार ने काम किया है। 

इस सवाल पर उत्तरी कमान के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी एस जसवाल ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में  कहा कि सेना को ऐसे मामलों से दूर रखना चाहिए। वायुसेना ने पूर्व वाइस मार्शल मनमोहन बहादुर ने कहा कि उन्होंने चालीस  साल वर्दी पहन देश की सेवा की है। लेकिन कभी भी जबरन वसूली के पैसे पर गुजारा नहीं किया। 
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आखिर देश में हो क्या रहा है

- फोटो : demo Pic
मनमोहन बहादुर ने अश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि आखिर देश में हो क्या रहा है। सेना के पूर्व अफसरों का कहना है कि इस तरह के कदमों का बिल्कुल समर्थन नहीं किया जा सकता। लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) ने कहा कि सेना के नाम पर ऐसा नहीं किया जा सकता। 

इस मामले में सरकार के रुख पर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जाहिर तौर पर सेना को इस मामले से दूर रहना चाहिए। अधिकारी ने मुताबिक मंत्रालय ऐसे संवेदनशील मामले पर इतनी जल्दी अपनी प्रतिक्रिया नहीं देगा। 

अधिकारी ने कहा कि सेना वेलफेयर फंड में  किसी भी नागरिक के अनुदान का  सम्मान करती  है। लेकिन वह इस तरह का अनुदान नहीं ले सकती। अधिकारियों का यह भी कहना है कि एमएनएस की इस तरह की राजनीति में सेना को घसीटे जाने का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खराब संदेश जाएगा।  
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