सुप्रीम कोर्ट ने देश में गैर न्यायिक हत्याओं को रोकने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका खारिज करते हुए चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा, हम गैर न्यायिक हत्याओं को कैसे रोक सकते हैं?
पीठ ने कहा, हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे। हम इस पर सहमत हैं कि इसे रोका जाना चाहिए लेकिन हम गैर न्यायिक हत्याओं को कैसे रोक सकते हैं? याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गर्ग की ओर से पेश वकील जितेंद्र एम शर्मा ने दलील दी कि वह यह नहीं कह रहे कि आरोपी को हथकड़ी नहीं लगनी चाहिए लेकिन इसके लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष आग्रह किया जाना चाहिए।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पढ़ते हुए कहा, अभियुक्तों को सामान्य नियम के रूप में हथकड़ी नहीं लगाई जाएगी। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, कुछ कैदी खतरनाक हैं और उन्हें हथकड़ी लगाना जरूरी है। एक आरोपी पुलिस पर हमला करना चाहता है और आप कह रहे हैं कि मजिस्ट्रेट उससे पूछे कि क्या वह हथकड़ी लगाना चाहता है? केवल मूर्ख व्यक्ति ही हथकड़ी लगाने के लिए हां कहेगा। कुछ लोग ऐसे हैं जो पुलिस वालों की हत्या करना चाहते हैं।