हाईकोर्ट ने दो पत्तियों वाले चुनाव चिह्न पर दावे से जुड़ी एआईएडीएमके (अम्मा) गुट के नेता टीटीवी दिनाकरण व वीके शशिकला की याचिका खारिज कर दी। दिनाकरण गुट ने इस मामले में चुनाव आयोग के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह विवाद अप्रैल, 2017 में आरके नगर विधानसभा उपचुनाव के समय से चल रहा है। यह सीट तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मृत्यु के बाद खाली हुई थी।
जस्टिस जीएस सिस्तानी और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने दिनाकरण गुट की याचिका खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के फैसले में कोई त्रुटि नहीं है। इसलिए इस फैसले में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। एआईएडीएमके से निकाले जाने के बाद दिनाकरण और शशिकला ने अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) नाम से अलग राजनीतिक पार्टी बना ली थी।
याचिका पर दिनाकरण की ओर से जिरह करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल के साथ एआईएडीएमके के ज्यादातर सदस्य हैं, लेकिन इसे नजरअंदाज कर चुनाव आयोग ने दो पत्ती वाला चुनाव चिह्न पलानीस्वामी गुट को दे दिया था।