ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने मंगलवार दावा किया कि केवल आधार नंबर जानने से किसी भी व्यक्ति की डिजिटल असुरक्षा नहीं बढ़ सकती है। गौरतलब है कि बीते कुछ दिन पहले शर्मा ने ट्विटर पर अपना आधार नंबर साझा कर चुनौती दी थी कि कोई नुकसान पहुंचाकर दिखाए।
शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनकी ओर से आधार नंबर ट्वीट करने के पीछे किसी को भी अपना आधार नंबर सार्वजनिक करने के लिए प्रेरित करना नहीं था। इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए शर्मा ने कहा कि बायोमीट्रिक आईडी साझा, खुलासा या उसके बारे में जानकारी होने से किसी की भी डिजिटल असुरक्षा नहीं बढ़ती। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआइ) को कहना पड़ा था कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर अपना आधार नंबर साझा न करे।
शर्मा एक कार्यक्रम से इतर बोल रहे थे जिसमें उन्होंने डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) एप और माईकॉल एप की घोषणा की। डीएनडी एप अनचाही कॉल्स के बारे में रिपोर्ट करता है और माईक़ल एप कॉल की गुणवत्ता के बारे में बताता है। यह दोनों एप उमंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे।