कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर आर्य राजेंद्रन से इस्तीफा देने की मांग की। राजेंद्रन पर से अनावूर नागप्पन को नगर निगम में 295 अस्थायी पदों पर पार्टी के सदस्यों की नियुक्ति के लिए प्राथमिकता सूची की मांग वाला पत्र लिखने का आरोप है। थरूर ने मेयर के कदम को अपमानजनक करार दिया और कहा कि यह शर्मनाक है कि तिरुवनंतपुरम के सीपीआई (एम) मेयर आर्य राजेंद्रन को शहर की सरकार में रिक्तियों को भरने के लिए उनके पार्टी सचिव से नाम मांगते हुए बेनकाब किया गया है। ऐसे समय में जब भारत और केरल के युवा परेशान हैं। बेरोजगारी के रिकॉर्ड स्तर पर यह एक विश्वासघात है। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए!
अस्थायी पदों पर भर्ती के लिए पत्र लिखने का आरोप
सीपीआई (एम) के जिला सचिव अनवूर नागप्पन को भेजे गए एक कथित पत्र में मेयर आर्य राजेंद्रन ने नगर निगम में 295 अस्थायी पदों पर पार्टी के सदस्यों की नियुक्ति के लिए प्राथमिकता सूची की मांग की थी। पत्र में स्वास्थ्य विभाग में दिहाड़ी आधार पर खाली हुए 295 अस्थायी पदों पर नियुक्तियों का जिक्र है। शनिवार को उसी के बारे में बात करते हुए केरल के विपक्ष के नेता (एलओपी) वीडी सतीसन ने भी उनके इस्तीफे की मांग की।
वीडी सतीसन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में 295 कर्मचारियों की नियुक्ति में पार्टी की प्राथमिकता सूची की मांग करते हुए तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मेयर आर्य राजेंद्रन ने सीपीआईएम के जिला सचिव को पत्र लिखकर अपनी शपथ का उल्लंघन किया है, उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर सीपीएम मेयर को निष्कासित करने के लिए तैयार नहीं है तो वह इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि विभाग प्रमुख भी लोक सेवा आयोग (पीएससी) को रिक्तियों के बारे में सूचित करे के लिए अनिच्छुक हैं क्योंकि सीपीआईएम राज्य समिति और जिला समिति नियुक्तियों की नियुक्ति पिछले दरवाजे से जारी है
उन्होंने कहा कि नगर निगमों में स्थानीय समितियों को नियुक्तियां दी गई हैं। वे नौकरी हेतु साक्षात्कार के लिए आने वाले गरीब लोगों को धोखा दे रहे हैं। किसी भी क्षेत्र में सीधी भर्ती नहीं की जाती है। माफिया गिरोह पिछले दरवाजे की नियुक्ति के लिए सीपीआईएम कार्यालयों के आसपास काम कर रहे हैं।
वहीं, तिरुवनंतपुरम के मेयर द्वारा सीपीआईएम जिला सचिव को कथित पत्र के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार की गई।