पैंगोंग झील के किनारों से पीछे हटे भारत और चीन के सैनिक
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पूर्वी लद्दाख में स्थित पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से भारत और चीन की सेना की वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह जानकारी भारतीय सेना के सूत्रों ने शुक्रवार को दी। सूत्रों ने बताया कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारतीय सैनिक निचले स्थानों पर आ गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच कल (शनिवार) फिर एक कॉर्प्स कमांडर स्तरीय वार्ता का आयोजन होगा। इस वार्ता में दोनों पक्ष पूर्वी लद्दाख में संघर्ष के तीन बिंदुओं से पीछे हटने पर वार्ता करेंगे। इन तीन बिंदुओं में गोगरा, हॉट स्प्रिंग और डेपसांग शामिल हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दसवें दौर की कोर कमांडर स्तर की वार्ता वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की तरफ मोल्डो सीमा बिंदु पर शनिवार सुबह 10 बजे शुरू होगी। पैंगोंग झील क्षेत्र से सैन्य वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वरिष्ठ अधिकारी स्तर पर यह पहली वार्ता होगी।
सूत्रों ने कहा कि पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से सैनिकों की वापसी, अस्त्र-शस्त्रों तथा अन्य सैन्य साजो-सामान और बंकरों, तंबुओं तथा अस्थायी निर्माणों को हटाने का काम गुरुवार को पूरा हो गया। उल्लेखनीय है कि सैन्य वापसी की प्रक्रिया 10 फरवरी को शुरू हुई थी।
चीन ने कहा- गलवां झड़प में मारे गए थे उसके चार सैनिक
इस बीच, चीन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर कहा कि पिछले साल जून में गलवां घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ हुई झड़प में उसके चार सैनिक मारे गए थे। इसमें भारत के 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे। अमेरिका की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन के 35 सैनिक हताहत हुए थे।