मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में पहले अविश्वास प्रस्ताव का सामना कर रही है। आज यानी गुरुवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का तीसरा दिन है। तीसरे दिन भी जोरदार हंगामा जारी है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने प्रस्ताव पर चर्चा के तीसरे दिन केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। लोकसभा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री थोड़ी न आपकी बैठकर सुनेंगे। वे आखिरी दिन आएंगे और आपकी धज्जियां उड़ाकर चले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि पीएम मोदी इस सदन में क्यों नहीं आते, जहां के लिए वे चुने गए हैं। यह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं है। यह विपक्षी इंडिया के लिए विश्वास प्रस्ताव है। मोइत्रा ने कहा कि हम यहां अपने 'तुम अभी चुप रहो' गणतंत्र में सवाल पूछने आए हैं, जहां प्रधानमंत्री एक राज्यपाल से कहते हैं 'चुप रहो'। इस सदन में निर्वाचित सांसद के रूप में हमसे नियमित रूप से कहा जाता है 'चुप रहो'।
उन्होंने कहा, यह प्रस्ताव मणिपुर में इस मौन संहिता को तोड़ने के लिए है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हमारी बात नहीं सुनेंगे, आखिरी दिन आकर भाषण देंगे। खैर कोई नहीं हमें इसका इंतजार है। हम इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण क्या है, हमारे प्रधानमंत्री ने संसद में आने से इनकार कर दिया या उन्होंने मणिपुर जाने से इनकार कर दिया।
महुआ ने केंद्र पर सवालों की झड़ी लगाते हुए पूछा कि आखिर किस राज्य में पांच थानों से पांच हजार बंदूकें और छह लाख गोलियां लूटी गईं, प्राकृतिक आपदा के अलावा आखिर किस राज्य को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। महुआ ने आगे सवाल किया कि किस राज्य में ऐसा हुआ है कि दो इलाकों के बीच बफर जोन बनाना पड़ा हो। पहाड़ के लोग घाटी पर और घाटी के लोग पहाड़ पर नहीं जा सकते हों। किस राज्य में जंगल घट गया है। यह सब मणिपुर में हुआ है और यह डबल इंजन की सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है।
महुआ ने समाज में फैल रही धार्मिक वैमनस्यता पर कहा कि सब्जियां हिंदू हो गईं और बकरा मुसलमान हो गया है। इस तरह का माहौल बना दिया गया है। एक समुदाय दूसरे समुदाय के खिलाफ अपराध कर रहा है और पीड़ितों को इंसाफ तक नहीं मिल पा रहा है।
भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने किया पलटवार
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि सब खाने वाले साथ आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस पश्चिम बंगाल सरकार को 10 करोड़ की जनता का विश्वास हासिल नहीं है, वह देश की 140 करोड़ जनता द्वारा चुनी गई सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल बंगाल में एक-दूसरे के खिलाफ कुश्ती करते हैं और यहां आकर टीएमसी को मिठाई खिला रहे हैं।
लॉकेट चटर्जी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के बाद महिलाओं पर अत्याचार करने वाले लोग लोकतंत्र की बात करते हैं... इस साल के पंचायत चुनाव में 59 पार्टी कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि जब से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सत्ता में आई हैं तब से राज्य में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। अपनी छवि बनाने के लिए उन्होंने मणिपुर को हथियार बनाया। और वे पूछ रहे हैं कि पीएम मोदी मणिपुर मुद्दे पर चुप क्यों हैं... विपक्ष राजस्थान, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ की घटनाओं पर चुप है और मणिपुर के बारे में बात कर रहा है। चटर्जी ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल में 30 फीसदी का राजनीति चलता है, दुर्गा पूजा विसर्जन और सरस्वती पूजा रोकने की राजनीति होती है।
बंगलूरू में विपक्ष की बैठक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "मिलकर बैठे हैं महफिल में जुगनू सारे, एलान यह है कि सूरज को हटाया जाए"। आज प्रधानमंत्री यहां जवाब देंगेस लेकिन बंगाल में जो 'खेला होवे' की स्थिति है उसपर क्या ये जवाब देंगे?