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'हरियाणा में क्या नहीं हुआ, वहां तो नहीं चली पेलेट गन'

Wed, 10 Aug 2016 03:03 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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kashmir - फोटो : PTI
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राज्यसभा में कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा हो रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को राज्यसभा में इस चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। पढें, क्या बात हो रही है राज्यसभा में....
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जेडीयू सांसद शरद यादव ने कहा-

-कश्मीर के लोग हमारे लोग हैं, वे भले ही हम से गुस्सा हों, हमें उनसे प्यार से मिलना चाहिए।

-हम कहते हैं कि कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है, फिर पेलेट गन क्यों,  हरियाणा में क्या कुछ नहीं हुआ, वहां तो नहीं चली पेलेट गन। ये गोली से भी ज्यादा खतरनाक है।

-अब पाकिस्तान से युद्ध हो ही नहीं सकता। ये वो दौर नहीं है। हमें कश्मीर के लोगों में अपने लिए मोहब्बत पैदा करनी होगी।


टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा-

टीएमसी सांसद ने पढ़ा शेर...
एक दो जगह नहीं, सारा बदन है छलनी
दर्द बेचारा परेशान हैं, कहां से उठे, कहां से उठे

-पेलेट गन मासूमों और निर्दोषों को छलनी कर रही है।

- बुरहान वानी जितना जिंदा खतरनाक था, उतना ही मरा हुआ।

सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा-

- जब तक पाकिस्तान पर नियंत्रण नहीं किया जाएगा तब तक कश्मीर की समस्या हल नहीं हो सकती है। पाकिस्तान की सेना चाहती है कि हालात खराब रहे ताकि उसका नियंत्रण बना रहे।
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-विदेशी फंडिंग की मदद से कश्मीरी युवाओं को गुमराह कराकर अपने ही लोगों पर हमला कराया जाता है।

-कोई ऐसा दिन नहीं जाता, जिस दिन हमारी सेना, पैरा मिलिट्री या नागरिक कश्मीर सीमा पर न मारे जाते हों।

-अगर शिमला समझौते में थोड़ी और सख्ती की जाती तो आज स्थितियां और होतीं।

-अगर ताशकंद समझौते के जरिए जीती हुई जमीन को पाकिस्तान को वापस नहीं दिया जाता तो आज ये हालात न होते।

-देश के विभाजन का समाजवादी तो शुरू से ही विरोध करते हैं, यह विभाजन अब नासूर बन गया है।

-जिस तरह से कश्मीर के लोगों में जहर भरा जा रहा है उसे देखकर मुझे लगता नहीं कि वहां विकास से यह समस्या हल हो जाएगी।
 

कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा-

गुलाम नबी आजाद
कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा-

-जब संसद चल रही हो, तब हमें सदन से सभी राजनीतिक दलों को एक साथ मिलकर यह संदेश देना चाहिए कि कश्मीर के लोग अमन -चैन बनाए रखे।
इस चर्चा का मकसद भी यही था।

-यूपीए शासन के दौरान जम्मू कश्मीर की स्थिति को सुधारने के लिए कई अहम काम किए गए। खास योजनाएं बनाई और लागू की गईं।

-कश्मीर को हम भारत का
अभिन्न अंग कहते हैं, लेकिन हमें अभी दिलों को जोड़ने की जरूरत है।

-हम (कश्मीरी) विकास के लिए, शिक्षा के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्र सरकार के भरोसे रहते हैं। कानून व्यवस्था राज्य
पुलिस के जिम्मे होती है लेकिन कश्मीर में यह पैरा मिलिट्री और आर्मी के जिम्मे हैं।

- मिलिटेंट का कोई धर्म नहीं होता, चाहे वो किसी भी जगह का हो, वो देश का हो या आईएसआईएस हो। आज
कश्मीरियत का कल्त हो रहा है।

-प्रधानमंत्री सारे दुनिया के मसलों पर बोलते हैं। दुश्मन मुल्क पाकिस्तान के लिए बोलते हैं लेकिन उनके पास राज्यसभा में कश्मीर पर बोलने का समय नहीं है। 

-कश्मीर की खूबसूरती से तो सभी को प्यार है लेकिन उन बच्चों और मासूमों से तो प्यार करें, जिनके पैलेट गन में आंखे चली गई।

-हिंदुस्तान का ताज जल रहा है लेकिन पीएम को फुर्सत नहीं है।
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बीजेपी सांसद शमसेर सिंह मन्हास ने कहा-

शमशेर सिंह
बीजेपी सांसद शमसेर सिंह मन्हास ने कहा-

- कश्मीर भारतमां का मुकुटमणि है और कोई उसे खराब करे, मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता है। मैं सबसे निवेदन करता हूं कि सभी मिलकर उसकी बेहतरी के लिए प्रयास करें।

-जम्मू-कश्मीर कभी गुलाम नहीं रहा, वहां कभी छुआछूत नहीं रही।

-जिस प्रकार के संस्कारों से यह समाज बना है, वहां इसकी जगह नहीं है। जम्मू कश्मीर में कभी दलितों के साथ भेदभाव नहीं किया गया।

-जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, तीनों को मिलाकर जम्मू-कश्मीर बनता है। लेकिन जब हम बात करते हैं तो सिर्फ कश्मीर की बात करते हैं। 

-कहा जाता है कि कश्मीर के युवा बेरोजगारी के कारण पत्‍थर उठाते हैं। ये सरासर गलत है।

-जम्मू के सात लाख से ज्यादा पढ़े लिखे युवा बेरोजगार हैं क्या वो पत्‍थर नहीं उठा सकते। फिर भी वे देश के साथ जुड़े हुए हैं। जम्मू और लद्दाख के बारे में देश अनभिज्ञ है।

-असल में यह सारी लड़ाई राष्ट्रवाद बनाम अलगाववाद की है। जिसे बेरोजगारी और स्वायत्ता से जोड़ दिया गया है।
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