राज्यसभा में कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा हो रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को राज्यसभा में इस चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। पढें, क्या बात हो रही है राज्यसभा में....
जेडीयू सांसद शरद यादव ने कहा-
-कश्मीर के लोग हमारे लोग हैं, वे भले ही हम से गुस्सा हों, हमें उनसे प्यार से मिलना चाहिए।
-हम कहते हैं कि कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है, फिर पेलेट गन क्यों, हरियाणा में क्या कुछ नहीं हुआ, वहां तो नहीं चली पेलेट गन। ये गोली से भी ज्यादा खतरनाक है।
-अब पाकिस्तान से युद्ध हो ही नहीं सकता। ये वो दौर नहीं है। हमें कश्मीर के लोगों में अपने लिए मोहब्बत पैदा करनी होगी।
टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा-
टीएमसी सांसद ने पढ़ा शेर...
एक दो जगह नहीं, सारा बदन है छलनी
दर्द बेचारा परेशान हैं, कहां से उठे, कहां से उठे
-पेलेट गन मासूमों और निर्दोषों को छलनी कर रही है।
- बुरहान वानी जितना जिंदा खतरनाक था, उतना ही मरा हुआ।
सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा-
- जब तक पाकिस्तान पर नियंत्रण नहीं किया जाएगा तब तक कश्मीर की समस्या हल नहीं हो सकती है। पाकिस्तान की सेना चाहती है कि हालात खराब रहे ताकि उसका नियंत्रण बना रहे।
-विदेशी फंडिंग की मदद से कश्मीरी युवाओं को गुमराह कराकर अपने ही लोगों पर हमला कराया जाता है।
-कोई ऐसा दिन नहीं जाता, जिस दिन हमारी सेना, पैरा मिलिट्री या नागरिक कश्मीर सीमा पर न मारे जाते हों।
-अगर शिमला समझौते में थोड़ी और सख्ती की जाती तो आज स्थितियां और होतीं।
-अगर ताशकंद समझौते के जरिए जीती हुई जमीन को पाकिस्तान को वापस नहीं दिया जाता तो आज ये हालात न होते।
-देश के विभाजन का समाजवादी तो शुरू से ही विरोध करते हैं, यह विभाजन अब नासूर बन गया है।
-जिस तरह से कश्मीर के लोगों में जहर भरा जा रहा है उसे देखकर मुझे लगता नहीं कि वहां विकास से यह समस्या हल हो जाएगी।