वित्त मंत्री निर्मल सीतारमण ने राज्यसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा के जवाब में कहा कि घरेलू कारोबारियों, खासतौर से एमएसएमई श्रेणी के उद्यमों की सुविधा के लिए सीमा शुल्क ढांचे को तर्कसंगत बनाया जाएगा। सीतारमण ने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। देश में महंगाई बढ़ने को लेकर उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति की दर छह फीसदी की भावनात्मक सीमा के कभी पार नहीं होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 2008 में आए वैश्विक आर्थिक संकट से जिस तरह निपटा गया, मुद्रास्फीति उसकी ही देन है।