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विज्ञापनों में स्पष्ट और पठनीय नहीं होगा डिसक्लेमर तो कार्रवाई तय, सरकार ने तैयार किया मसौदा

Mon, 07 Sep 2020 12:09 AM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सरकार ने तैयार किया दिशा-निर्देशों का मसौदा, जनता से 18 तक मांगे सुझाव
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नरेंद्र मोदी-रामविलास पासवान - फोटो : फाइल
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विस्तार
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विज्ञापनों में पतले अक्षरों में किसी कोने में छापा गया डिसक्लेमर अब अवैध माना जाएगा। इस तरह के विज्ञापन को गुमराह करने वाला करार देते हुए विज्ञापनदाता, उसे जारी करने वाली एजेंसी और विज्ञापन करने वाले प्रचारक पर उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। कंपनियों को अब स्पष्ट और पठनीय विज्ञापन देना होगा। सरकार ने विज्ञापनाें को लेकर दिशा-निर्देशों का मसौदा पेश किया है और जनता से इस पर 18 सितंबर तक प्रतिक्रियाएं मांगी हैं। 

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उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने हाल ही में दिशा-निर्देशों का मसौदा जारी किया है। इसमें स्पष्ट कहा गया कि डिसक्लेमर स्पष्ट, पठनीय और आसानी से दिखने वाला होना चाहिए। सामान्य दृष्टि वाले व्यक्ति को यह बिना किसी दिक्कत के दूर से ही दिखाई पड़ना चाहिए। इसे विज्ञापन में ऐसी जगह लगाया जाए ताकि इसे ढूंढ़ने, पढ़ने और समझने में किसी तरह की मुश्किल न हो। साथ ही डिसक्लेमर और विज्ञापन में किए गए दावों की भाषा व अक्षरों के आकार एक होने चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा तो विज्ञापन को भ्रामक करार दिया जाएगा।

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