मथुरा-वृंदावन में यमुना के घाटों का स्वरूप बिगाड़ने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। घाटों को खोदकर सीवर पाइप लाइन बिछाने की शिकायत पर कोर्ट ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी आड़े हाथों लिया।
बोर्ड को फटकार लगाते हुए कहा कि यमुना में गंदा पानी डालने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने मथुरा विकास प्राधिकरण, नगर पालिका परिषद और प्रदेश सरकार से एक माह में जवाब मांगा है।
मथुरा के महंत मधुमंगल सरन दास शुक्ला की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने उपरोक्त आदेश दिया। याचिका में कहा गया है कि मथुरा-वृंदावन में यमुना में प्रदूषण नियंत्रण का कोई कारगर उपाय नहीं किया जा रहा है।